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जीएसटी रिटर्न भरने में छूटे पसीने

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जीएसटी रिटर्न भरने में छूटे पसीने
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नोएडा। वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हर महीने के कारोबार के लिए औपचारिक फॉर्म जीएसटीआर-3बी रिटर्न भरने में इस बार व्यापारियों के पसीने छूट गए हैं। सर्वर में तकनीकी दिक्कतों के चलते टैक्स प्रोफेशनल बुधवार शाम से रिटर्न भरने के लिए जद्दोजहद में जुटे रहे। टैक्स एडवोकेट अतुल्य शर्मा ने बताया कि जीएसटीआर-3बी रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 20 सितंबर तय थी, लेकिन वेबसाइट पर बुधवार शाम चार बजे से ही तकनीकी दिक्कतें आने लगीं। इसके चलते रिटर्न भरने की प्रक्रिया बाधित हो गई। अधिकांश रिटर्न टैक्स कंसलटेंट द्वारा ही भरी जाती हैं। ऐसे में अंतिम तारीख को टैक्स कंसलटेंट देर शाम तक रिटर्न फाइल करने का काम करते हैं। जीएसटी पोर्टल पर तकनीकी खामी के कारण कई व्यापारियों की रिटर्न फाइल नहीं हो पाई होगी, ऐसे में इसकी अंतिम तिथि को बढ़ाया जाना चाहिए। ब्यूरो
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एसजीएसटी के विरोध में उतरे उद्यमी
नोएडा। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि ई-वे बिल में खामियों के नाम पर उद्यमियों को परेशान किया जा रहा है। नोएडा इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन (नीवा) ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और राज्य जीएसटी अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि ई-वे बिल सरलीकरण के नाम पर सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन विभाग की कार्यशैली में बदलाव नहीं आया है। ई-वे बिल (दो) भरने के दौरान जरा सी भी गलती होने पर उद्यमियों को परेशान किया जा रहा है। हाल ही में नोएडा से सूरजपुर माल लेकर जा रहे वाहन को चेकिंग के नाम पर रोका गया था। सूरजपुर से माल देहरादून जाना था। ई-वे बिल में इसका उल्लेख था, लेकिन इसके बाद भी वाहन को जब्त किया गया। इस तरह की कई शिकायतें एसोसिएशन के पास पहुंच चुकी हैं। नीवा महासचिव राजेश जैन के मुताबिक मामूली गलती पर उद्यमियों को बेवजह परेशान करना गलत है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ब्यूरो
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