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रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील आवासीय कॉलोनी ,कर्मचारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर

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खंडहर में बदली आवासीय कॉलोनी, किराए के मकानों में रह रहे लोग
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-बिजली व लोक निर्माण विभाग के क्वार्टर पूरी तरह हो चुके हैं जर्जर
-विभागीय अधिकारी भी नहीं दे रहे हैं ध्यान

अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। नगर में अनेक विभागों की आवासीय कॉलोनी रखरखाव के अभाव में खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। सरकार न तो इनकी मरम्मत करा रही है और न ही इनकी जगह कोई नया भवन बना रही है, जिससे कर्मचारी किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी भी इस ओर से ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि बिजली कॉलोनी, एसडीओ अधिकारी आवास, पटवार खाना, पशु चिकित्सालय कॉलोनी, पीडब्लूडी आवास सहित कई अन्य सरकारी भवन जर्जर होने के कारण खंडहर बन चुके हैं। इनमें से कुछ भवनों का रखरखाव संबंधित विभाग तो कुछ भवनों को पीडब्ल्यूडी रखरखाव कर रहा है। बजली कॉलोनी व लोक निर्माण विभाग के क्वार्टर खंडहर होने से कर्मचारियों को भारी असुविधा हो रही है। संबंधित विभाग की ओर से इन्हें लंबे समय से असुरक्षित घोषित किया जा चुका है, जिसकी वजह से इनमें कोई कर्मचारी नहीं रहता है। कर्मचारी अधिक किराए पर नगर में किराए के मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं।
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बिजली कर्मचारी अमीलाल, राजेश, वेदप्रकाश, सत्तार व जुहरू ने बताया कि सब-स्टेशन व ओल्ड 33 केवी परिसर में बिजली विभाग द्वारा करीब 3 दशक पहले आवासीय कॉलोनी बनाई गई थी, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह पूरी तरह खंडहर में तब्दील है। वहीं, लोक निर्माण कार्यालय में बने क्वार्टर खंडहर में तब्दील है, जिनकी कोई सुध नहीं ले रहा है। जिससे कर्मचारी नगर में किराए के मकानों में रहने को मजबूर है। कर्मचारियों का कहना है कि इन खंडहर हो चुके भवनों की जगह नए भवनों का निर्माण होना चाहिए, जिससे इन जगहों का सही इस्तेमाल हो सके और कर्मचारियों को लाभ मिल सके।


फोटो कैप्शन: तावडू में बिजली विभाग की आवासीय कॉलोनी खंडर में तब्दील
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