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केएमपी एक्सप्रेसवे : जनाब! हरियाणावी कला से रूबरू होते हुए बढ़ें आगे

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केएमपी एक्सप्रेसवे : जनाब! हरियाणावी कला से रूबरू होते हुए बढ़ें आगे
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गुरुग्राम। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे हरियाणा की कला एवं संस्कृति से रूबरू कराएगा। इतना ही नहीं, एक्सप्रेस-वे पर महाभारत के युद्ध से जुड़े दृश्यों की भी झलक दिखाई देगी। गीता का संदेश भी मिलेगा और शरीर को तंदुरुस्त रखने के लिए योग कलाएं भी देखी जा सकेंगी। केएमपी एक्सप्रेस-वे से गुजरने वालों को ये सब देखने का अवसर राज्य सरकार के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रयास से मिलेगा।
राज्य सरकार के कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग ने केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर छह से आठ किलोमीटर की दूरी पर हरियाणा की कला, संस्कृति, महाभारत युद्ध, गीता एवं योग से जुड़ी 21 मूर्तियां लगाने का निर्णय लिया है। विभाग के कला अधिकारी हृदय कौशल के मार्गदर्शन में संगमरमर की यह 21 मूर्तियां तराशने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मूर्तियों की ऊंचाई 12 से 25 फीट तक है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक सभी मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है 18 नवंबर तक सभी तैयार हो जाएंगी।
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प्रधानमंत्री भी होंगे मूर्तिकला से रूबरू
राज्य सरकार ने यह मूर्ति फिलहाल केएमपी एक्सप्रेस-वे नहीं लगाने का निर्णय लिया है। इन मूर्तियों से प्रधानमंत्री को रूबरू कराने की योजना है। इस कारण इन्हें 19 नवंबर को केएमपी एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन स्थल पर रखने की तैयारी चल रही है। यहां राज्य सरकार अपनी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी एक प्रदर्शनी लगा रही है। केएमपी एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।

मूर्तियों की बाद में लालकिला परिसर में लगेगी प्रदर्शनी
दूसरी ओर राज्य सरकार इन मूर्तियों से देश-विदेश के लोगों को भी रूबरू कराने का विचार कर रही है। केएमपी एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह के बाद इन मूर्तियों की लालकिला परिसर में प्रदर्शनी लगाने की योजना है। जहां रोजाना बड़ी संख्या में दिल्ली के ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों के पर्यटक आते हैं।
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योग, चक्रव्यूह, वट वृक्ष के होंगे दीदार
विभाग के अनुसार, चक्रव्यूह, मीरा का दांडी बाजना, स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति, योग, सांस्कृतिक विकास, हरियाणा जित दूध ढही का खाना, संस्कृति की आवाज, महाभारत, आत्मा की शांति, ज्योतिसीर आकाश, वट वृक्ष, चक्रव्यूह में अभिमन्यु, स्वामी, सांस्कृतिक एकता, दादा खेड़ा, प्रकृति के तहत योग मूर्ति बनवाई जा रही है। ये मूर्तियां सोनीपत के पास राई स्पोर्ट्स स्कूल में तराशी जा रही हैं। सरकार ने मूर्तियां बनाने के लिए तीन माह का समय दिया था, लेकिन इसे दो माह में भी पूरा कर लिया गया है।
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