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लंबे समय से तीन मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं किसान

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लंबे समय से तीन मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं किसान
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ग्रेटर नोएडा। केंद्र या प्रदेश सरकार की किसी भी योजना के लिए जमीन अधिग्रहण की गई हो लेकिन किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाए हैं। लंबे समय से तीन मांगों को लेकर ही आंदोलन हो रहे हैं। उनको नजरअंदाज करने से किसान लगातार आक्रोशित हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारी का धरना पिछले एक माह से कलेक्ट्रेट पर चल रहा है। किसान रात-दिन धरने पर बैठे हैं। वहीं मायचा गांव में डेढ़ माह किसानों ने धरना दिया। वहीं तीन दिन पहले प्राधिकरण का घेराव हुआ। आए दिन तहसील, प्राधिकरणों पर धरने चल रहे हैं। धरने प्रदर्शनों में किसानों द्वारा नए अधिग्रहण कानून को लागू करने, न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा का भुगतान कराने, 10 फीसदी भूखंड देने व आबादी के मामले के निस्तारण कराने की मांग होती रही हैं। ये तीन मांगें सभी आंदोलनों के दौरान किसान उठाते रहे हैं। लेकिन इनको पूरा नहीं किया जा रहा है।
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संयुक्त किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुनील फौजी का कहना है कि किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे किसान आक्रोशित हो रहे हैं। किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रविंद्र भाटी का कहना है कि किसानों को गुमराह करके जमीन छीनी जा रही है। जमीन लेने के दौरान झूठे वायदे किए जाते है। अब तक हजारों की संख्या में किसानों को शर्तों के मुताबिक 10 फीसदी भूखंड नहीं दिए गए है।
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किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी का कहना है कि किसान आंदोलनों के द्वारा प्रशासन और सरकारों ने जो समझौते किए है। उनको भी पूरा नहीं किया जा रहा है। किसान कई बार मांग कर चुके हैं।
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