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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 11 अध्यापिकाएं कार्यमुक्त की गईं

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नूंह। सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत जिले में चल रहे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य अधर में है। हाल ही में जिले के इन विद्यालयों में कार्यरत ड्राइंग व फिजिकल एजुकेशन की 11 अध्यापिकाओं को करीब दस वर्षों बाद कार्यमुक्त कर दिया गया है। वहीं टीजीटी व पीजीटी के करीब 10 अध्यापिकाओं के भविष्य पर भी अभी प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। इन सभी के दस्तावेज की जांच की जा रही है। कार्यमुक्त करने के पीछे इनकी भर्ती बिना अनुमति के कराने की बात कही जा रही है।
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जिले के कस्तूरबा बालिका विद्यालय की 21 टीजीटी व पीजीटी उम्मीदवारों के दस्तावेज ही जांच में सही पाए गए हैं। वहीं सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) द्वारा जिन कर्मचारियों को हटाया गया है। उनके पदों की भर्ती कराने की विभाग से अनुमति ही नहीं ली गई है। ऐसे में बड़ा सवाल है, कि करीब 10 वर्षों पूर्व इन पदों अधिकारियों ने अपनी मनमानी से भर्ती कर दर्जनों कर्मचारियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। जानकारी के अनुसार हटाए गए कर्मचारियों की भर्ती तय नियमों के अनुरूप ही हुई थी। हालांकि उक्त अध्यापकों की भर्ती एमडीए के तहत जरूर हुई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही एसएसए ने उक्त अध्यापकों को अपने अधीन ले लिया था। पिछले पांच सालों से एसएसए ही उक्त अध्यापकों का वेतन जारी कर रहा था। लेकिन अब अचानक उक्त अध्यापकों को बिना कोई नोटिस दिए हटा देना बड़ा सवाल है। एसएसए ने उक्त अध्यापकों को पूरी तरह बेरोजगार कर दिया है। क्योंकि अधिकतर अध्यापक नौकरी की उम्र सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में अब उन्हें कहीं नौकरी भी नहीं मिल सकती।
नौकरी से हटाई गई अध्यापिका
आशा गुप्ता फिजिकल एजुकेशन, फिरोजपुर झिरका।
ममता फिजिकल एजुकेशन, हथीन।
संगीता ड्राईंग,हथीन।
विनिता ड्राईंग, नूंह।
बीना फिजिकल एजुकेशन, नूंह।
अनीता ड्राईंग, नगीना।
बिमलेश फिजिकल एजुकेशन नगीना।
सुशीला बेनीवाल,पार्ट टाइम, जींद।
अभी चल रही है एसएसए की जांच : विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभी तक दस से अधिक अध्यापक एसएसए के कटघरे में हैं।अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी ना कर पाने और भर्ती प्रक्त्रिस्या में नियमों की अनदेखी करने वाले अध्यापकों की एसएसए द्वारा जांच कराई जा रही है।अगर तय समय में उक्त अध्यापक एसएसए के नियमों को पूरा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें भी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।
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उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 11 महिला अध्यापकों को रिलीव कर दिया गया है। फिलहाल केजीबीवी के अन्य स्टाफ के कागजात की जांच की जा रही है।आगामी निर्देश के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - रमेश दहिया, डीपीसी।े
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