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करोड़ों का पेमेंट अटकने से अस्पताल में बंद हुईं 60 प्रकार की जांच

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-मरीजों को निजी अस्पताल या फिर 12 से 13 किलोमीटर दूर जाकर करानी पड़ रही है जांचें
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अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निजी लैब का करोड़ों रुपये का पेमेंट अटकने से 60 प्रकार की जांचे बंद कर दी गई हैं। अब मरीजों को दूसरी जगहों पर या 13 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल आकर जांच करानी पड़ रही है। यहां पर भी जांच में 2-3 दिन लग रहे हैं। इससे मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि शासन स्तर पर पेमेंट रुका हुआ है। पैसा मिलते ही दोबारा सारी जांचें शुरू कर दी जाएंगी।
जिला अस्पताल के बाद भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से 50 बेड का अस्पताल भी बनाया जा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब बनी हुई है, लेकिन यहां पर सिर्फ कुछ जांचे ही होती हैं। मरीजों की संख्या देखते हुए शासन स्तर पर एक निजी लैब को मरीजों की जांच कराने के लिए कांट्रैक्ट दिया गया था। इस लैब में 60 से ज्यादा टेस्ट होते थे। निजी लैब का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्शन सेंटर बना हुआ था। डॉक्टर द्वारा मरीज की जांच लिखने पर कलेक्शन सेंटर के कर्मचारी सैंपल लेते थे। उसके बाद मरीज का सैंपल निजी लैब के हेड ऑफिस में जांच के लिए भेजा जाता था। वहां से जांच रिपोर्ट अस्पताल भेजी जाती थी। करीब एक साल से अस्पताल में मरीजों को सुविधा मिल रही थी। इससे मरीजों को बहुत फायदा हो रहा था। लेकिन निजी लैब का शासन स्तर से पेमेंट नहीं किया गया है, इसलिए जांच बंद कर दी गई है।
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जिला अस्पताल का चक्कर काट रहे मरीज
भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच बंद होने से मरीजों को निजी अस्पताल में जांच करानी पड़ रही है। इससे मरीज की जेब पर भार बढ़ गया है। वहीं मरीजों को भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से 12 से 13 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल आना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में दिन में 11 बजे ही जांच बंद हो जाती हैं। ऐसे में भंगेल से जिला अस्पताल में मरीज को देर हो जाती है। इससे जांच नहीं हो पाती। फिर दूसरे दिन जांच के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है। सीएमओ डॉक्टर अनुराग भार्गव ने बताया कि शासन स्तर पर पेमेंट के बाद सारी जांचे फिर से शुरू हो जाएंगी।
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