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बेसहारा बच्चों को मिला पालना

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भंगेल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पालना योजना शुरू
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पालने में अक्षम महिला नवजात को यहां छोड़कर जा सकती है
अपर स्वास्थ्य निदेशक (मेरठ मंडल) ने की इसकी शुरुआत
चाइल्ड पीजीआई और जिला अस्पताल में भी पालना रखा जाएगा

अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। जिले में भंगेल के सामुदायिक केंद्र से पालना योजना शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को अपर स्वास्थ्य निदेशक (मेरठ मंडल) अखिलेश अग्रवाल ने इसका उद्घाटन किया। अगर कोई महिला नवजात को पालने में सक्षम नहीं है तो वो इसे यहां रखकर जा सकती है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग चाइल्ड पीजीआई और जिला अस्पताल में भी पालना रखेगा।
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सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया नवजात की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। छोड़कर जाने वाले शिशु की मेडिकल जांच कराई जाएगी। पालने में नवजात के होने पर एक तेज आवाज आएगी, ताकि अस्पताल को पता चल सके कि पालने में कोई बच्चा आया है। वहीं अग्रवाल ने भंगेल में बन रहे 50 बेड के महिला अस्पताल के बारे में भी जानकारी ली। अपर स्वास्थ्य निदेशक ने जिला अस्पताल का दौराकर वहां मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। भर्ती मरीजों से भी बातचीत की। अस्पताल में आशा कर्मियों की ट्रेनिंग चल रही थी। इस दौरान उनको बेहतर काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अगर आशा कर्मियों की कोई शिकायत मिलती है तो उसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा अग्रवाल ने सेक्टर-39 में बन रहे जिला अस्पताल के नए भवन का भी निरीक्षण लिया। इस दौरान उन्हाेंने नए भवन में पौधे भी किया। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल में जिला अस्पताल नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का मनाना है कि ऐसी महिलाएं अगर नवजात को सुरक्षित जगह पर छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाती है तो वह उसे सुनसान जगह पर छोड़कर चली जाती हैं। इससे नवजात की जान को खतरा रहता है। इसी कड़ी में पालना योजना शुरू की गई है।
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