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शाहबेरी: निर्माणाधीन इमारतों में लोगों के रहने पर लगेगी रोक

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शाहबेरी मामले से लिया संज्ञान
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हेडिंग: निर्माणाधीन भवनों में लोगों के रहने पर लगेगी रोक
सबहेड: प्राधिकरण बनाएगा सूची, सील करने की भी कार्रवाई होगी
एफआईआर दर्ज करने और बाद में नियमों के तहत ध्वस्तीकरण की होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। अगर नोएडा में कोई इमारत निर्माणाधीन या खतरनाक है और वहां लोग रहते हैं तो इस पर प्राधिकरण रोक लगाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने टीम बनाई है, जो मौके पर जाकर जांच करेगी। जांच के बाद बनी सूची के मुताबिक कार्रवाई होगी।
दरअसल, शाहबेरी में दो इमारतों के गिरने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की किरकिरी तो हुई ही। नोएडा प्राधिकरण भी इससे अछूता नहीं रहा, चूंकि जिस तरह की लापरवाही सामने आई है। वैसी ही स्थिति नोएडा के ज्यादातर गांवों में है। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की तैयारी की है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, इसमें इंजीनियरों की प्रत्येक स्तर की टीम बनाई गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में इस तरह के इमारतों की सूची बनाएगी। फिर उन इमारतों को मानकों पर तौला जाएगा। अगर नियम टूटते हुए पाए जाएंगे तो गाज गिरेगी। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी खतरनाक तरीके से नियमों को ताक पर रखकर भवन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन सभी को चिह्नित कर रोक लगाने का काम किया जाएगा। सील करने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके अलावा नियम के तहत आगे चलकर उसको ध्वस्त करने की भी कार्रवाई होगी।
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सोसाइटियों में भी नजर रखेगा प्राधिकरण
नोएडा प्राधिकरण ऐसी सोसाइटियों पर नजर रखेगा, जहां निर्माण का काम चलते रहने के बावजूद लोग रहने लगे हैं। ऐसे में बिल्डर पर कार्रवाई भी हो सकती है। अधिकारियों का साफ कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से ऐसी इमारतों में रहना खतरनाक है। कई ऐसी सोसाइटियां हैं, जहां अभी भी निर्माण का काम चल रहा है और बिना कंप्लीशन के ऐसी इमारतों में लोग रहने लगे हैं।
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प्राधिकरण अधिसूचित भूमि के अवैध निर्माण पर करेगा कार्रवाई
अधिसूचित भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण सख्त रवैया अपनाया जाएगा। सबसे पहले तो इस तरह के निर्माण को रोका जाएगा। यही नहीं अगर इस तरह के निर्माण के होते समय वहां किसी तरह से रिहाइश की बात सामने आती है तो इस पर भी रोकथाम लगेगी।
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