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मानव तस्करी पर रोक समेत
पांच बिल लोकसभा में पेश
एजेंसी
नई दिल्ली। देश के पहले व्यापक मानव तस्करी पर रोक लगाने समेत पांच विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किए गए। इन बिलों के संसद के मानसून सत्र में ही सदन की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक-2018 पेश किया। इसका मकसद मानव तस्करी की समस्या से निजात दिलाना है। बिल को फरवरी में ही कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) अधिनियम में संशोधन का बिल पेश किया। यह बड़े एयरपोर्ट की परिभाषा में बदलाव लाएगा और नियामक को और प्रभावी रूप से काम करने में मददगार होगा। केंद्रीय राज्य मंत्री पी. राधाकृष्णन ने गैर कानूनी डिपाजिट स्कीमों पर प्रतिबंध बिल 2018 पेश किया। इसका उद्देश्य चिट फंड के जरिए निवेशकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। इस बिल में 10 साल की सजा का भी प्रावधान किया गया है। कानून राज्य मंत्री पीपी चौधरी ने मध्यस्थता एवं समाधान अधिनियम 1996 में संशोधन विधेयक पेश किया।
भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल भी पेश
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल पेश किया। इसमें आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वालों की अदालत द्वारा दोषी करार दिए बिना ही संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। बिल पेश करते हुए गोयल ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद यह पहली बार है जब भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए बिल लाया गया।