- यूपी रेरा ने छह जिलों में करीब 2009 करोड़ के निवेश के 9 बिल्डर प्रोजेक्टों को दी मंजूरी
- 9 में से तीन प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेनो के अन्य लखनऊ, प्रयागराज, चंदौली, अलीगढ़ व बाराबंकी में बनेंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने नौ बिल्डर प्रोजेक्टों के पंजीकरण को मंजूरी दी है। प्रदेश के 6 जिलों में बनने वाले इन 9 प्रोजेक्टों में करीब 2008.64 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस निवेश से 1586 फ्लैट, विला और दुकानें बनेंगी। इनमें सबसे अधिक प्रोजेक्ट गौतमबुद्ध नगर में हैं। यहां पर करीब 1537 करोड़ रुपये की लागत से करीब 1000 फ्लैट और दुकानों का निर्माण होगा। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी प्रोजेक्टों के निर्माण पर यूपी रेरा निगरानी करेगा। तय समय पर इनको पूरा कराया जाएगा।
यूपी रेरा के अधिकारियों ने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर में फिर से खरीदारों का विश्वास बढ़ा है। इस कारण लगातार नए-नए प्रोजेक्ट आ रहे हैं। उनका पंजीकरण कराने के लिए यूपी रेरा में आवेदन किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में आवेदन आए है। जांच के बाद उनको मंजूरी दी जा रही है। अब 189वीं बैठक में यूपी रेरा ने 9 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। इन 9 प्रोजेक्ट में 2008.64 करोड़ का निवेश होगा। अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में 283.76 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तीन प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू होगा। यहां सबसे अधिक 1537 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसी तरह बाराबंकी में 120.85 करोड़ के 2 प्रोजेक्ट, प्रयागराज में 11.47 करोड़ और चंदौली में 37.85 करोड़ के 1-1 प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। अलीगढ़ में 17.72 करोड़ से एक प्रोजेक्ट बनेगा।
हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
यूपी रेरा के अधिकारियों के मुताबिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रोजेक्टों का निर्माण शुरू होने के बाद हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर आगे बढ़ेगा। निर्माण के कारण सीमेंट, स्टील, पेंट, टाइल्स, विद्युत उपकरण, फर्नीचर, परिवहन, बीमा और वित्तीय सेवाओं जैसे सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में आर्थिक सक्रियता में वृद्धि होगी।
कोट
यूपी का रियल एस्टेट सेक्टर संतुलित और विकास की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। हर प्रोजेक्ट में यूपी रेरा के नियमों का पालन करना होगा। इसकी निगरानी की जाएगी। ताकि समय से इनको पूरा कराया जा सके। -
संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा