हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी नोएडा-ग्रेनो क्षेत्र में पहुंचा
नोएडा से लेकर जेवर तक हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसल भी डूब गई
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5 से 7 फीट तक पानी भरा फार्महाउसों में
199 मीटर से ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर
200.60 मीटर तक है खतरे का निशान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार दोपहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पहुंच गया। इससे शाम तक यमुना का जलस्तर 199 मीटर से ऊपर पहुंच गया जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर तक है। जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र में बने 1000 से अधिक अवैध फार्महाउसों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया। यहां से हजारों लोगों को बाहर निकालकर शरणालयों में ठहराया गया है। वहीं, नोएडा से लेकर जेवर तक हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसल भी डूब गई है। देर रात तक प्रशासन की टीमें लोगों को बाहर निकलने में जुटी रहीं।
प्रशासन का कहना है कि हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को 3,29,313 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो मंगलवार दोपहर तक पहुंचना शुरू हो गया। दोपहर दो बजे तक 86 हजार से अधिक क्यूसेक पानी ओखला बैराज को पार कर चुका था। बाकी पानी रात तक ओखला बैराज से निकाला गया। इस कारण यमुना का जलस्तर 199 मीटर को पार कर गया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र में 5 से 10 फीट तक पानी भर गया। कई जगहों पर यमुना का पानी पुश्तों तक पहुंच गया। सेक्टर 135, 151 व 150 के पास का क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा। यहां पर 1000 से अधिक फार्म हाउसों में पानी भर गया।
तहसील की टीमों ने लोगों को निकाला
जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन की टीमें सोमवार रात से ही लोगों को बाहर निकालने में जुटी रहीं। ये सिलसिला मंगलवार दोपहर तक चलता रहा। तहसील की टीमों ने हजारों लोगों को बाहर निकाला जबकि बड़ी संख्या में फार्महाउसों में रहने वाले सैकड़ों लोग स्वयं बाहर आ गए। कुछ लोगों ने पुश्ते पर तिरपाल लगाकर डेरा डाला हुआ है जबकि काफी लोगों को शरणालय में ठहराया गया है। प्रशासन की तरफ से खाने-पीने के साथ स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं हैं।
जिलाधिकारी ने लिया बाढ़ क्षेत्र का जायजा
जिलाधिकारी मेधा रूपम तहसील सदर की टीम के साथ सेक्टर-150 के पास डूब क्षेत्र में पहुंचीं। यहां उन्होंने फार्महाउसों में जाकर जलस्तर देखा और डूब क्षेत्र से बाहर निकले लोगों से बातचीत की। सभी को सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, अफसरों को भी निर्देश दिए। डीएम ने शरणालयों का भी निरीक्षण किया। यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
ट्रैक्टर पर सवार होकर अंदर पहुंची पुलिस
लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से सामान बाहर निकालने में जुटे रहे। कुछ लोग पैदल ही सामान लेने पहुंच गए लेकिन जलस्तर ज्यादा होने से उन्हें बाहर निकाल दिया गया। पुलिस की टीमों ने भी डूब क्षेत्र का जायजा लिया। ट्रैक्टर पर सवार होकर पुलिस फार्महाउसों के अंदर पहुंची। इस दौरान जांच की गई कि कोई अंदर तो फंसा हुआ नहीं है। साथ ही, जहां पर पानी नहीं पहुंचा है वहां से भी लोगों को तत्काल बाहर निकालने को कहा गया। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
2000 से अधिक मवेशियों को बाहर निकाला
डूब क्षेत्र में कई गोशालाएं बनी हैं। सेक्टर-135 की गोशाला से सभी मवेशियों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। साथ ही, चारे की भी व्यवस्था की गई है। वहीं, अफसरों ने बताया कि 1500 से अधिक मवेशियों को बाहर निकाला गया है। अन्य लोग भी 500 से अधिक मवेशियों को बाहर लेकर पहुंचे।
शरणालय स्थल पर कम्यूनिटी किचन
प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में कम्यूनिटी किचन शुरू किया गया है जहां प्रभावित लोगों को दोनों समय का भोजन खिलाया जा रहा है। शरणालयों में भी कम्यूनिटी किचन शुरू किए गए हैं।