अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार ने सात साल पहले हुए दुष्कर्म के मामले में दोषी अरविंद तिवारी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 36 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
भीटी एक गांव निवासी दलित व्यक्ति के पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी बेटी कक्षा 10 में पढ़ती थी। 20 मार्च 2018 को दोपहर 1.45 बजे विंध्याचल जा रहे अपने भाई-भाभी को छोड़ने गुलाबगंज गई थी। उनको छोड़कर वह वापस घर लौट रही थी। रास्ते में उनके चाचा का लड़का अमित मिला और उसकी साइकिल मांगने लगा। उसने इन्कार कर दिया। इसके बाद अमित ने उसकी साइकिल में ताला बंद कर दिया, फिर अरविंद तिवारी के साथ मिलकर उसे जबरन उठाकर कुछ दूरी पर बाग में ट्यूबवेल के पास ले गया। वहां पहले से आदित्य तिवारी मौजूद था। इसके बाद अमित ने उसका दोनों हाथ पकड़ लिया और अरविंद ने दुष्कर्म किया। इसी दौरान सेनपुर से साइकिल बनवाकर वापस लौट रहे उनके पिता को देखकर तीनों आरोपी भाग निकले थे। 21 मार्च को पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने अरविंद के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप पत्र दाखिल किया था। प्रकरण की सुनवाई पूरी करते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने की स्थिति में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।