फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: सालाना 10 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी काट रहे लावारिस कुत्ते

विज्ञापन
विज्ञापन
सालाना 10 करोड़ रुपये खर्च, फिर भी काट रहे लावारिस कुत्ते
विज्ञापन

- प्राधिकरण कुत्तों की नसबंदी, भोजन और रहने पर व्यय कर रहा राशि

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में लावारिस कुत्तों की नसबंदी से लेकर भोजन और उनके रहने आदि पर सालाना 10 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। फिर भी कुत्तों के काटने की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। बीते दिनों गाजियाबाद में लावारिस कुत्ते के काटने की वजह से बच्चे की मौत के बाद शहर के निवासी बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि नोएडा में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं।
सेक्टर-122 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष उमेश शर्मा बताते हैं कि लावारिस कुत्तों की समस्या काफी पहले से बनी हुई है। कई बार प्राधिकरण को इससे अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसी तरह सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष रामकुमार भाटी का कहना है कि यहां लावारिस कुत्तों और सांड का काफी डर है। लोगों का सड़क पर निकलना मुश्किल है। इन पर काबू पाना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

-

प्राधिकरण का डॉग शेल्टर फेल
नोएडा प्राधिकरण ने बड़े जोश के साथ सेक्टर-50 और 135 में डॉग शेल्टर की शुरूआत की थी। यहां लावारिस कुत्तों के रहने और खाने का प्रबंध किया गया था, लेकिन उद्धाटन के बाद एक भी कुत्ते को यहां नहीं लाया गया। यही नहीं सेक्टर-93बी और 34 के आरडब्ल्यूए भी प्राधिकरण की योजना को अमलीजामा पहनाने से पीछे हट गए। उन्होंने इस तरह का काम सेक्टर में करने से साफ मना कर दिया। नोएडा प्राधिकरण ने इन शेल्टरों पर करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे।


हर माह होती है 7500 लावारिस कुत्तों की नसबंदी
नोएडा प्राधिकरण हर माह करीब 7500 लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराता है। एक नसबंदी पर एजेंसी को एक हजार रुपये दिए जाते हैं। यानी एक साल में प्राधिकरण केवल नसबंदी पर ही करीब 9 करोड़ रुपये खर्च कर देता है। वहीं जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक औसतन रोजाना 150 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रैबीज का टीका लगवाने आते हैं। यह इंजेक्शन उनको निशुल्क दिया जाता है। हालांकि सरकार पर एक इंजेक्शन के लिए करीब 176 रुपये का खर्च आता है। ऐसे में एक साल में करीब 95 लाख रुपये का खर्च सरकार केवल इंजेक्शन पर करती है।
विज्ञापन

-

इलाज और खाने पर होते हैं 1.8 करोड़ रुपये खर्च
नोएडा प्राधिकरण लावारिस कुत्तों सहित अन्य जानवरों के रहने, खाने और इलाज पर 15 लाख रुपये प्रति माह खर्च करता है। साल भर में करीब 1.8 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इलाज के लिए बेहतर डॉक्टरों की सेवा ली जाती है। फिलहाल प्राधिकरण के पास ऐसे 1600 जानवर हैं। नोएडा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट इंजीनियर आरके शर्मा ने बताया कि अब तक शहर में 6485 पालतू कुत्तों व बिल्लियों का पंजीकरण कराया गया है। इसमें 6346 कुत्ते और 139 बिल्लियां हैं। इसके लिए अभियान चलाया गया है। पंजीकरण नहीं कराने पर वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान है।
-
कुत्तों के काटने की प्रमुख घटनाएं
- सेक्टर-74 ग्रैंड अजनारा हेरिटेज सोसाइटी में 10 वर्षीय बच्चे को कुत्ते ने काटा।
- सेक्टर-151 की सोसाइटी में रिटायर्ड आईएएस अफसर को कुत्ते ने काटा।
- सेक्टर-29 में एक महिला को कुत्ते ने काटा, एफआईआर दर्ज।
- ग्रेनो में दिल्ली पुलिस में तैनात दारोगा के दो बेटों को पिटबुल ने नोचा।
- ला रेजिडेंसिया सोसाइटी की लिफ्ट में 6 साल के मासूम पर कुत्ते का हमला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें