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सोमवार को लुहारली पर एक किमी. तक पहुंची वाहनों की कतार

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लुहारली टोल प्लाजा पर लगा जाम । - फोटो : Grnoida
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लुहारली टोल पर एक किमी तक लगी वाहनों की कतार
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दादरी। फास्टैग प्रणाली लागू होने के बाद पहले कार्य दिवस सोमवार को लुहारली टोल प्लाजा पर सभी व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। टोल पर सुबह वाहनों की कतार एक किलोमीटर तक लग गई। तमाम स्थानीय निवासी भी फंसे रहे। थोड़ी ही देर में लोगों ने विरोध करना शुरू दिया। विरोध बढ़ता देख करीब एक घंटे तक टोल फ्री कर दिया गया। इसके बाद वाहन तेजी से निकले, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।
15 दिसंबर से सभी टोल बूथों पर फास्टैग लागू कर दिया गया है। इसी के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 91 स्थित लुहारली टोल प्लाजा पर करीब दो सप्ताह पहले से ट्रायल चल रहा था। जबकि, वाहनों पर फास्टैग लगाने की प्रक्रिया और भी पहले शुरू कर दी गई थी। लेकिन, सभी वाहनों में अब भी फास्टैग नहीं लग सके हैं। टोल कर्मी खुद अब तक 70 फीसदी वाहनों पर फास्टैग लगाने की बात कह रहे हैं। ऐेसे में सोमवार को सुबह से ही लुहारली टोल प्लाजा पर वाहनों की लाइन लगने लगी। सुबह 11 बजे तक टोल के दोनों तरफ यह लाइन करीब एक किलोमीटर तक पहुंच गई। अपने गंतव्य तक पहुंचने में हो रही देरी के कारण लोग विरोध करने लगे। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई। टोल मैनेजर कर्मचारियों के साथ वाहनों को जल्दी निकलवाने में लगे रहे। इस दौरान जाम में फंसे स्थानीय और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग टोल बूथ पर पहुंच गये और हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद टोल को फ्री कर दिया गया, तब जाकर वाहन तेजी से निकल सके।
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नकद देकर निकले वाहन
टोल प्लाजा पर दोनों तरफ पांच-पांच बूथ बने हैं, इनमें से चार-चार बूथ फास्टैग लगें वाहनों के लिए हैं। एक-एक बूथ बिना फास्टैग वाले वाहनों के लिए है। हालांकि, जब वाहनों की लाइन लंबी होने लगी तो दोनों तरफ दो-दो बूथों को फास्टैग के लिए कर दिया गया। इसके अलावा अन्य बूथों से निकलने वाले वाहन चालकों से नकद पैसा लिया जाने लगा, फिर भी वाहनों की कतार काफी लंबी होती चली गई।
वाहन चालकों की प्रतिक्रिया
ट्रक चालक इश्तियाक अहमद का कहना है कि गाड़ी पर फास्टैग लगवाने के लिए वह कई बार लुहारली टोल प्लाजा पर आ चुके हैं, लेकिन आज तक फास्टैग नहीं लग सका। आज भी कहा जा रहा है कि भारी वाहनों के लिए दो दिन बाद व्यवस्था शुरू की जाएगी। वहीं, चालक मोहम्मद नाजिम का कहना है कि उनकी गाड़ी पर फास्टैग लगा है, लेकिन फिर भी लंबी लाइन में लगने से समय बर्बाद हो रहा है। चालक मानवेंद्र का कहना है कि गाड़ी पर फास्टैग लगाने के बाद भी पैसा देना पड़ रहा, क्योंकि यहां लगा रीडर ठीक से काम नहीं कर रहा।
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फास्टैग के लिए पिछले तीन सप्ताह से प्रचार किया जा रहा है, फिर भी वाहन चालक नहीं ले रहे हैं। जो लोग टोल प्लाजा पर हंगामा कर रहे हैं, वह सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए हैं। उनके खिलाफ पुलिस से शिकायत की जाएगी।
- अमरेंद्र झा, टोल मैनेजर
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