नगीना। खंड के गांव नोटकी से तिजारा को जोड़ने वाली सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरंग में किए गए विस्फोट की चपेट में आने से शनिवार को बकरी पालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान रुजदार (46) पुत्र बिल्लू के रूप में हुई। पुलिस ने रुजदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचाया। खबर लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रुजदार शनिवार दोपहर 3:30 बजे के आसपास पहाड़ में चर रही अपनी बकरियों को वापस लाने के लिए गया हुआ था। अचानक बकरियां निर्माणाधीन अरावली पहाड़ के उस हिस्से में चली गई जहां पर विस्फोटक लगाकर पत्थर तोड़ने का काम किया जा रहा था। बकरियों को घेरने के लिए गए रुजदार को इस बात का पता नहीं था। अचानक वहां सुरंग का धमाका होने की आवाज आई और उस धमाके से व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया। लोगों ने उसे तुरंत मिट्टी और पत्थरों के नीचे से निकाला और चारपाई पर लिटाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। नगीना पुलिस को गांव नोटकी के सरपंच रिजवान महमूद ने हादसे की जानकारी दी। ग्रामीणों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस के माध्यम से जिला अस्पताल मांडीखेड़ा पहुंचाया।
गांव के सरपंच समाजसेवी मुबारक नोटकी ने बताया कि रुजदार के 9 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य एसकेएस कंस्ट्रक्शन की तरफ से अरावली पहाड़ी में किया जा रहा है। यह सड़क नगीना से तिजारा के लिए बनाई जा रही है। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि नोटकी गांव में निर्माणाधीन सड़क के लिए अरावली पहाड़ी में पत्थर तोड़ने के लिए सुरंग का इस्तेमाल होने से हादसा हुआ है। वहां पर बकरियों को पहाड़ से वापस लाने के लिए यह पशुपालक गया था कि अचानक हादसा हुआ और उसकी मौत हो गई। मामले में कार्रवाई की जा रही है, शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में रख दिया है।