आपसी तकरार तो नहीं बनी वजह
सोमवार को सेक्टर-81 में पीएम के कार्यक्रम में क्रेन पर ड्यूटी लगाए जाने से नाराज कांस्टेबल विरेंद्र यादव ने हेड कांस्टेबल दौलतराम को पीट दिया था। इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पुलिसकर्मी ड्यूटी के लिए आए थे। ऐसे में इस घटना ने जिला पुलिस की किरकिरी करा दी थी। हालांकि, इस मामले की शिकायत हेड कांस्टेबल ने संबंधित थाने में भी दी थी। इससे पहले एक होमगार्ड ने कांस्टेबल नरेंद्र पर मारपीट का आरोप लगाया था। बताया जा रहा है कि आपसी तकरार से हो रही फजीहत को देखते हुए एसएसपी ने त्वरित कार्रवाई की है।
कई और भी हैं रडार पर
जिले में तैनात कई पुलिसकर्मी लंबे समय से मनमानी करते आ रहे हैं। किसी के तत्कालीन सरकारों के प्रभावशाली नेताओं से संपर्क हैं तो कोई अफसरों की मेहरबानी की बदौलत यहां टिका हुआ है। इनकी शिकायतें मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती थी। ऐसे में एसएसपी ने एक साथ दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर पुलिस को कार्यशैली में सुधार लाने का संकेत दिया है। बताया जा रहा है कि अभी कई और पुलिसकर्मी गोपनीय टीम के रडार पर हैं।
गिनेचुने स्टाफ के भरोसे ट्रैफिक
चौराहों के अनुपात में ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों की तादाद बेहद कम है। ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड पर गौर करें तो जिले में अहम चौराहों की संख्या 200 के करीब है, लेकिन सिपाहियों की संख्या महज 108 है। इनमें से कई छुट्टी पर रहते हैं और कुछ की कार्यालय स्टाफ के तौर पर तैनाती है। ऐसे में गिनेचुने सिपाहियों के भरोसे हाईटेक शहर नोएडा-ग्रेटर नोएडा के ट्रैफिक का जिम्मा है। लाइन हाजिर होने के बाद दस पुलिसकर्मी और कम हो गए हैं।