रेव पार्टी में सांपों का जहर परोसने के मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ केस दर्ज करने वाली नोएडा पुलिस अब बैकफुट पर है। एल्विश पर प्राथमिकी दर्ज करने वाले कोतवाली सेक्टर-49 के थाना प्रभारी संदीप चौधरी को रविवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। हालांकि, अपर पुलिस आयुक्त आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इलाके में बढ़ते अपराध के कारण चौधरी को हटाया गया है।
इस बीच, एल्विश समेत छह आरोपियों पर गंभीर धाराओं में दर्ज केस में तीन दिन बाद भी पुलिस कोे कोई साक्ष्य नहीं मिला है। अपर पुलिस आयुक्त कुलकर्णी ने सफाई दी कि एल्विश को अभी पुलिस ने क्लीन चीट नहीं दी है। सबूत मिलने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
दावों पर केस, साक्ष्य कुछ नहीं
बिग बॉस विजेता एल्विश यादव पर केस दर्ज कर नोएडा पुलिस असमंजस में दिखाई दे रही है। पुलिस एल्विश को न तो वांछित बता रही है और न ही पूछताछ के लिए बुला रही है। मामले में फिलहाल साक्ष्य जुटाने की बात कहकर जांच आगे बढ़ाने की बात कही जा रही है। इस प्रकरण के बाद कोतवाली सेक्टर-49 के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एल्विश पर रेव पार्टी में सांपों का जहर सप्लाई करने के आरोप में कोतवाली सेक्टर-49 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पीपुल फॉर एनिमल संस्था की तरफ से एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद नोएडा पुलिस ने चार संपेरों समेत छह लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। इसमें एल्विश का भी नाम शामिल है। पुलिस की किरकिरी उस वक्त अधिक हो गई जब कोटा पुलिस ने एल्विश को वाहन चेकिंग में पकड़ लिया लेकिन नोएडा पुलिस ने वांटेड होने से ही मना कर दिया। वहीं अब तक एल्विश से पूछताछ के लिए भी नोएडा पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। नोएडा पुलिस का कहना है कि उसने अभी तक न तो एल्विश को क्लीन चिट दी है और न उसे आरोपी माना है। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आनंद कुलकर्णी का कहना है कि पुलिस अभी पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के कार्रवाई न करने पर सवाल
एल्विश प्रकरण के कारण नोएडा कमिश्नरेट पुलिस अभी सुर्खियों में है और यह प्रकरण नोएडा पुलिस के गले की हड्डी बन गई है। कोटा में एल्विश के पकड़े जाने के बाद भी नोएडा पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में यहां तक कहा जा रहा है कि कहीं गफलत में तो एल्विश के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज तो नहीं कर दी।