नोएडा में आठ दिन पहले प्रॉपर्टी कारोबारी से साढ़े पांच लाख रुपये की उगाही के मामले में दो दारोगाओं को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
फरार दारोगाओं की गिरफ्तारी न हुई तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ पीड़ित पर आरोपी दरोगाओं की ओर से समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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प्रॉपर्टी कारोबारी को अगवा कर तीन पुलिस कर्मियों द्वारा साढ़े पांच लाख की अवैध वसूली के मामले में पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस इन फरार चल रहे दारोगाओं की गिरफ्तारी के प्रयास में हैं। पीड़ित पर लगातार आरोपी दारोगाओं की ओर से समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
फरार चल रहे दोनों आरोपी दारोगाओं के साथी पीड़ित को समझौता न करने पर बुरा परिणाम भुगतने व झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। मामले में पीड़ित और उसके साथी परेशान चल रहे हैं।
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हालांकि, पुलिस अधिकारी उक्त जानकारी मिलने से इनकार कर रहे हैं। मामले में एसपी सिटी योगेश सिंह ने बताया कि अवैध वसूली के मामले में तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड किया किए जा चुके हैं। फरार पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। गिरफ्तारी न होने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
क्या था मामला
मालूम हो कि सेक्टर-39 थाना की जीआईपी चौकी पर तैनात दारोगा विवेक शर्मा, थाना सेक्टर-20 में तैनात एसएसआई शरद मलिक और लोनी थाना में तैनात सिपाही नितिन ने मिलकर तीन फरवरी को दिल्ली निवासी प्रॉपर्टी डीलर फैजुद्दीन को बंधक बना लिया था। तीनों आरोपी पुलिसकर्मी उसे लेकर सेक्टर-12 के मेट्रो स्टेशन पहुंचे। जहां उसे सट्टे में फंसाने की बात कहकर साढे़ पांच लाख रुपये रंगदारी वसूल कर ली। पीड़ित की शिकायत पर जांच कर एसएसपी ने दोनों दारोगाओं को निलंबित कर दिया था। आठ दिन गुजरने के बाद भी पुलिस दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।