पुलिस ने एनसीआर में ऑन डिमांड लग्जरी कारें चुराने वाले गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 कारें और दो लाख रुपये व कारों की 74 चाबियां बरामद की गई हैं। इनमें चार नई फार्च्यूनर, एक क्रेटा, एक डस्टर, तीन स्विफ्ट और एक होंडा सिटी कार शामिल है।
गिरोह का नेटवर्क गुजरात से लेकर कश्मीर तक है। कारों के चेचिस व इंजन नंबरों को बदलकर फर्जी आरसी तैयार की जाती थी। आरोपियों ने नोएडा में सपा नेता के यहां पीजी में कमरा ले रखा था। ऐसे में सपा नेता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी चकमा देने के लिए चुराई गई कारों में प्रेस और पुलिस लिख देते थे।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) लव कुमार के अनुसार, सेक्टर-58 के थानाध्यक्ष अनिल कुमार को मुखबिर से गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। उन्होंने डीसीपी राजेश एस, एडीसीपी रणविजय सिंह और एसीपी रजनीश वर्मा को इसकी जानकारी दी। सभी अधिकारियों ने मिलकर शॉप्रिक्स मॉल के सामने से मंगलवार दोपहर फार्च्यूनर का सौदा करते समय गिरोह को दबोच लिया।
इनमें मूलरूप से मुरादाबाद के मुगलपुरा निवासी कुलदीप वर्मा, मुरादाबाद के भीमाढेर हरथला निवासी मोहम्मद आसिफ व मोहम्मद आमिर, कश्मीर के जाठरान कॉलोनी पठान चौक निवासी मोहम्मद अशरफ भट्ट, गुजरात के राजकोट निवासी रवि सोलंकी, संभल के अलावलपुर निवासी मोहम्मद हसन (हाल पता दिल्ली गाजीपुर), हाथरस के नंगला अहीर निवासी मनोज पाल और आगरा के दहतूरा निवासी राजेश शर्मा उर्फ पंडित को गिरफ्तार किया है।
कुलदीप ने नोएडा सेक्टर-70 में सपा नेता के यहां पीजी में कमरा ले रखा था। आरोपी यहां आते जाते रहते थे। जबकि गुजरात निवासी मोहम्मद इम्तियाज भट्ट, शेख मोहम्मद इलियास, उत्तराखंड काशीपुरा निवासी रियाज उर्फ रियाजुद्दीन, मुरादाबाद निवासी सबरेज उर्फ मुन्ना मैत्री, दिल्ली के दयालपुर निवासी मोहम्मद अली आदि फरार हैं।
केमिकल डालकर तोड़ते थे शीशा
मोहम्मद हसन सबसे पहले किसी भी कार का शीशा केमिकल से तोड़ता था। इसके बाद कुलदीप उसमें घुसकर स्कैनर टैब से सेंट्रल लॉक खोल देता था। कार के शीशा तोड़ने से अनलॉक करने में मात्र तीन मिनट लगते थे। फिर मनोज पाल कार को दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद में एक स्थान पर खड़ी कर देता था। 3 से 5 दिन तक कार यहीं खड़ी रहती थी जिस पर आरोपी दूर से नजर रखते थे।
गुजरात से आती थी नकली आरसी
गुजरात से नकली आरसी आने के बाद आरोपी कार को मुरादाबाद लेकर जाते थे। यहां असली इंजन नंबर और चेचिस खत्म करके फर्जी चेचिस नंबर गोद दी जाती थी। मोहम्मद इलियास व मोहम्मद इम्तियाज कारों की डिलीवरी लेने के लिए हवाई जहाज से आते थे। कुलदीप को यह लोग तीन से चार लाख रुपये फार्च्यूनर व दो से तीन लाख रुपये क्रेटा के देते थे। इलियास व इम्तियाज इन कारों को अहमदाबाद व कश्मीर के लखनपुर बार्डर पर छोड़कर वहां से 5 से 6 लाख रुपये लेकर आ जाते थे।