कांग्रेस नेता संपूर्णानंद ने कहा कि, 'डीजीपी को सूचित किया है कि नोएडा पुलिस ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वो अपने कर्मचारियों को खुले में जैसे पार्क आदि में नमाज पढ़ने से रोकें। इसके लिए 2009 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया गया है। सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के अलावा पार्कों में भी संघ की शाखाएं आयोजित होती हैं, जहां से समाज को तोड़ने की बातें फैलाई जाती हैं। ऐसे में किसी धर्म विशेष से जुड़े आदेश देने के बजाय पुलिस को किसी भी राजनीतिक या धार्मिक आयोजन को बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर होने से रोकने के निर्देश देने चाहिए।'
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारी पार्टी पूरे राज्य में सामाजिक सौहार्द का संदेश लेकर जाएगी और बीजेपी का कच्चा चिट्ठा खोलेगी। विचार विभाग इसे अभियान के तौर पर शुरू करेगा। वहीं इसी चिट्ठी का विरोध करते हुए बीजेपी के प्रवक्ता हरीश श्रीवास्तव ने कहा कि, आरएसएस की शाखाओं में शारीरिक व्यायाम से जुड़ी गतिविधियों के साथ नैतिक शिक्षा दी जाती है। इसमें धर्म वाली कोई बात नहीं है। ये लोग उन चीजों पर टिप्पणी कर रहे हैं जिनकी सराहना नेहरू और लोहिया भी कर चुके हैं।