नोएडा के सेक्टर-23 निवासी एक पिता के लिए बहुत दुखद रहा जो सुबह से अपनी 2 साल की मृत बच्ची की अंत्येष्टि के लिए अंतिम निवास (श्मशान), सेक्टर-94 गए तो वहां पता चला कि वहां हिन्दू बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
जबकि नोएडा अथॉरिटी के द्वारा संचालन की सारी जिम्मेदारी और सुविधा लोकमंच को दी गई है। पर वहां इनकी मदद को कोई नहीं आया। यह घटना है बीते शुक्रवार की। सेक्टर- 23 के निवासियों ने बहुत कोशिश की पर कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ।
सेक्टर के निवासी डीके गुप्ता ने बताया कि हम लोग लोकमंच के संचालक महेश सक्सेना से अनुरोध करते रहे लेकिन उन्होंने एक लाइन में कह दिया कि हम एक वर्ष तक के बच्चों को ही दफनाने देते हैं इनसे ज्यादा बड़े बच्चों की हड्डी जमीन के नीचे नहीं गलती और बच्ची को दफनाने नहीं दिया।
सभी बच्ची का मृत शरीर लेकर दर-दर भटकते रहे फिर गाजियाबाद में जाकर बच्ची को रीति से दफनाया गया। हिन्दू धर्म में छोटे बच्चों को दफनाने का ही नियम है इसको लेकर सेक्टर वासियों में काफी आक्रोश है। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मनोज चौधरी ने प्राधिकरण के अधिकारियों और फोनरवा के पदाधिकारियों से शनिवार को इसको लेकर शिकायत भी की।
लोगों ने मांग रखी कि हिन्दू धर्म की रीति के अनुसार जो उचित अंत्येष्टि की व्यवस्था होना चाहिए वह शासन एवं नोएडा अथॉरिटी के द्वारा करवाने का कष्ट करें। यदि अंतिम निवास (श्मशान) में पहले से ही यह व्यवस्था है तो लोकमंच के संचालक पर उचित कार्रवाई की भी मांग की गई।