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एक तेज झटका और मिट्टी में मिल जाएगा यूपी का ये शहर

Mon, 11 Apr 2016 05:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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भूकंप - फोटो : अमर उजाला
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शाम करीब चार बजकर एक मिनट पर शहर में दो बार तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता करीब 6.8 मापी गई। हालांकि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान की हिंदुकश की पहाड़ी बताई गई, लेकिन झटके इतनी तेज थे कि लोग आफिस व घरों से बाहर सड़कों पर निकल आए। करीब एक घंटे तक सड़कों पर रहने के बाद वह घर के अंदर घुसे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। बल्कि इससे पहले भी कई बार शहर में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। मौसम विभाग की मानें तो शहर में यदि तेज झटका आए तो भारी नुकसान हो सकता है। इसकी एक वजह यहां रिहाएशी बिल्डिंगो का सबसे ज्यादा होना है। जिनकी भूकंप रोधी क्षमता अधिकतम 7.5 या 8.0 तक की है।
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बता दें कि नोएडा सिसमिक जोन-4 में आता है। यानी भूकंप की नजर में बेहद संवेदनशील। सिसमिक जोन जमीन के अंदर चट्टानों की परत होती है। जिसमें अक्सर हलचल होती रहती है। जबकि प्रदेश के अन्य भाग सिसमिक जोन-3 व 2 में आते हैं। यहां भूकंप का खतरा काफी कम होता है। ऐसे में यहां एक भी झटका 7.5 या इससे अधिक का रहा तो भारी तबाही हो सकती है।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक रणजीत सिंह ने बताया कि धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथो स्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत, वर्गों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप आना संभव है। ये प्लेट्स क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाती है। भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है।
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रविवार का दिन होने से अधिकांश लोग घरों में मौजूद थे। शाम करीब 4 बजकर 10 मिनट पर भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया। इसके तुरंत बाद दूसरा झटका लगा। ऐसे में लोग घरों से बाहर सड़कों व पार्कों में निकल आए। बता दें शहर में 150 से ज्यादा रिहाएशी बिल्डिंग हैं। जहां कई लोग रहते हैं। जबकि 250 से ज्यादा शहर में निर्माणाधीन इमारतें हैं। फिलहाल एक घंटे तक घरों के बाहर रहने के बाद लोग अंदर चले गए। झटका आने के करीब दस मिनट बाद 4 बजकर 11 मिनट पर मेट्रो रेल रोक दी गई। जहां जो भी ट्रेन थी उसे वहीं रोक दिया गया। लाइन चेक होने के बाद करीब 10 मिनट बाद मेट्रो को दोबारा चलाया गया।
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