उत्तर प्रदेश के युवाओं को मनोरंजन उद्योग में करियर बनाने के लिए माया नगरी मुंबई नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि यमुना एक्सप्रेसवे के पास विकसित की जा रही नई फिल्म सिटी में स्थानीय और राज्य के अन्य हिस्सों के युवाओं को विशेष वरीयता दी जाएगी। इसके तहत बनने वाला अत्याधुनिक फिल्म इंस्टीट्यूट न केवल प्रशिक्षण देगा, बल्कि फिल्म सिटी में ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा।
फिल्म सिटी के पहले चरण में 230 एकड़ में 1,510 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य होगा। बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रा.लि. अगले तीन वर्षों में स्टूडियो, फिल्म इंस्टीट्यूट और विश्वविद्यालय का निर्माण कराएगी। यह संस्थान लगभग तीन लाख वर्गमीटर में फैला होगा और आधुनिक तकनीकों से युक्त होगा। फिल्म इंस्टीट्यूट में एक्टिंग, पटकथा लेखन, संपादन, वीएफएक्स, कैमरा ऑपरेशन, लाइटिंग, फैशन, मीडिया और मास कम्युनिकेशन जैसे कोर्स संचालित किए जाएंगे।
फिल्म सिटी में ही रोजगार देना अधिक व्यावहारिक और किफायती होगा
यहां विद्यार्थियों को वास्तविक फिल्म प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें इंडस्ट्री के अनुकूल व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा। कंपनी के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर फिल्म सिटी में ही रोजगार देना अधिक व्यावहारिक और किफायती होगा। विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे व आस-पास के गांवों के युवाओं को पहली वरीयता दी जाएगी। मुंबई से स्टाफ लाने की जगह स्थानीय प्रतिभा को मौका देना, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति देगा।
टैलेंट पूल के रूप में काम करेगा संस्थान
फिल्म इंस्टीट्यूट एक टैलेंट पूल के रूप में काम करेगा, जहां विद्यार्थियों को प्रोडक्शन हाउस के साथ साझेदारी में इंटर्नशिप, कार्यशालाएं और गेस्ट लेक्चर्स का लाभ मिलेगा। यहां फिल्म प्रीमियर, स्क्रिप्ट लाइब्रेरी और अकादमिक रिसोर्स सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जो फिल्म निर्माताओं और छात्रों दोनों के लिए सहायक होंगे।
छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर
संस्थान के परिसर में छात्रावास, कैफेटेरिया, स्वास्थ्य केंद्र और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा फिल्म फेस्टिवल्स, प्रदर्शनियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन छात्रों की रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देगा।