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डॉक्टर ने 26 साल पहले ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ दिया था स्पंज, अब अस्पताल को देने होंगे छह लाख रुपये

Thu, 24 Dec 2020 11:38 AM IST
प्राची प्रियम संवाद  न्यूज एजेंसी, ग्रेटर नोेएडा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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उपभोक्ता आयोग ने नोएडा के ईएसआई अस्पताल पर छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 26 वर्ष पहले महिला की डिलीवरी के समय ऑपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छोड़ देने के मामले में दायर वाद पर आयोग ने यह आदेश दिया है। पेट में स्पंज छोड़ देने से महिला की तबीयत खराब हो गई है। 

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नोएडा के ग्राम निठारी निवासी रामपाल सिंह और ब्रह्मवती ने ईएसआई अस्पताल के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत की थी। इसमें ईएसआई के महानिदेशक, ईएसआई अस्पताल नोएडा में तैनात चिकित्सक डॉ अनीता और डॉ प्रीति शर्मा के खिलाफ शिकायत दी गई थी। 

शिकायत के मुताबिक ब्रह्मवती को 12 मई 1994 को ईएसआई नोएडा में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके डिलीवरी कर दी, लेकिन ऑपरेशन के बाद से पेट में दर्द रहने लगा। दर्द होने पर उसे दवा दी जाती। हालत बिगड़ने पर महिला को नोएडा के निजी अस्पताल में जांच कराया गया। 
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अल्ट्रासाउंड के बाद चिकित्सकों ने बताया कि उसकी आंतें आपस में चिपक गई हैं। एक ऑपरेशन करना पड़ेगा। दोबारा ऑपरेशन हुआ तो पता चलता कि जिस चिकित्सक ने डिलीवरी की थी उसने पेट में स्पंज का टुकड़ा छोड़ दिया था। इस कारण से आतें चिपक गईं। 

महिला अब चारपाई से उठ नहीं सकती। इलाज और दवाइयों में काफी खर्च हो रहा है। उसकी देखभाल के चलते पति भी ड्यूटी पर नहीं जा पा रहा। शिकायत में 19.76 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति दिलाने की गुहार लगाई गई थी। 

इस मामले पर सुनवाई करते हुए आयोग ने पति-पत्नी को तीन-तीन लाख रुपये ईएसआई को देने का आदेश दिया। यह राशि बतौर मानसिक व शारीरिक क्षति के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये और देने का आदेश दिया है। इस धनराशि का भुगतान 60 दिन में करना होगा। 

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