प्रदेश में बिजली विभाग की ओर से सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिले को सरकारों ने वीवीआईपी श्रेणी में तो शामिल कर दिया। मगर यहां पर सुविधाओं में बहुत ज्यादा सुधार नहीं किया जा सका।
हर बार विभाग के अधिकारी की ओर से नोएडा को 24 घंटे बिजली देने का दावा किया गया। मगर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद आज भी नोएडा समेत पूरे जिले को लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती झेलनी पड़ती है। आलम यह है कि शहरवासियों को रोजाना 2 से 5 घंटे बिजली की कटौती झेलनी पड़ती है।
दरअसल, जिले के विद्युत विकास के लिए साल-2016 में दीनयाल उपाध्याय योजना के तहत 73 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। इसके बाद प्राधिकरण ने करीब 50 लाख रुपये की राशि से शहर की बिजली व्यवस्था को सुधार करने और कई बिजली घरों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये दिए। इसके अलावा विद्युत विभाग की ओर से भी हर साल करोड़ों रुपये विकास के लिए दिए गए।
मगर पिछले बिजली की व्यवस्था को सुधारा जा सका है। जरा सी तेज हवा चल जाए तो नोएडा में इतने लोकल फाल्ट हो जाते हैं कि आधे से अधिक शहर की बिजली गुल हो जाती है। इसी साल की शुरुआत में विद्युत निगम को 50 से अधिक ट्रांसफार्मर और करीब 50 लाख रुपये से ढांचागत व्यवस्था को सुधारने के लिए दिए गए।
इसके अलावा विद्युत निगम की ओर से भी करोड़ों रुपये का प्रस्ताव पास करके शहर में लाइनों को बदलवाने के लिए काफी प्रयास किया गया है। मगर हल्की आंधी में ही शहर की बिजली गुल हो जाती है और कई-कई घंटे तक गायब हो जाती है।