प्राधिकरण ने बकायेदारों से बड़े पैमाने पर वसूली करने की कवायद शुरू कर दी है। बड़े बकायेदारों की ओर से पैसे वापस करने में गंभीरता नहीं बरतने पर प्राधिकरण कार्रवाई करेगा। इसके तहत अलग-अलग स्थानों पर बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। इस बात के संकेत नोएडा प्राधिकरण के सीईओ अमित मोहन प्रसाद ने दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अभी तक की वसूली अच्छी नहीं रही है। अब इस मामले में प्राधिकरण ने निगरानी रखना शुरू किया है। यही नहीं जरूरत पड़ने पर जिलाधिकारी से भी इस मामले में मदद ली जाएगी। बड़े बकायेदारों से पहले चरण में नोटिस देकर पैसे मांगने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके बाद भी अगर पैसे वापस नहीं होते हैं और न ही किसी तरह की बातचीत की जाती है तो इस पर सख्त कदम उठाया जाएगा। जिला, तहसील सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगवाकर उनके नाम लिखवाए जाएंगे। इसमें उनके नाम के साथ बकाया राशि भी होगी। इसमें उस क्षेत्र के दस अथवा बीस नाम होंगे, जिन्हें कोई भी देख सकेगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण के अलग-अलग एजेंसियों पर करीब बीस हजार करोड़ रुपये बकाया हैं। इसमें केवल बिल्डरों पर ही दस हजार करोड़ रुपये की राशि शामिल है। जिन प्रमुख बिल्डरों पर प्राधिकरण का बकाया है। उसमें अकेले वेव पर करीब छह हजार करोड़ और यूनिटेक पर करीब तीन हजार करोड़ रुपये की बकाया राशि शामिल है।
इस राशि के एवज में उन्होंने प्राधिकरण को जमीनें लौटाने के लिए भी आवेदन किया है। इसके अलावा कमर्शियल सेक्टरों के अंतर्गत दुकानों व प्लॉट की बकाया राशि शामिल है।