मामला तब सामने आया, जब उसके फेसबुक पेज से किसी अन्य को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलते ही उक्त व्यक्ति ने प्राधिकरण में संपर्क किया और फोटो प्राधिकरण के एसीईओ के कमरे की होने की शंका जाहिर की।
मामला सामने आते ही प्राधिकरण की ओर से उक्त कर्मचारी के फेसबुक प्रोफाइल से सारी फोटो डाउनलोड कराई गई। एक फोटो में उक्त कर्मचारी प्राधिकरण के बोर्ड रूम में भी नजर आ रहा है। इसके बाद उक्त कर्मचारी को बुलाया गया।
कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। यही नहीं जांच पड़ताल के बाद उक्त कर्मचारी की फोटो खींचने वाले क्लर्क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा गया है। इसके अलावा उस दौरान कमरे में दो अन्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की मौजूदगी का भी पता चला।
उन दोनों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए लिखा गया है। तीनों कर्मचारियों को एसीईओ के कमरे से हटा दिया गया है।