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Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट शुरू होते ही आईजीआई हवाई अड्डे पर घटेगा दबाव, 23% तक यात्री हो सकते हैं शिफ्ट

Mon, 15 Jun 2026 07:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

दिल्ली-एनसीआर ट्रैवलर्स की ओर से कराए गए एक हालिया सर्वे के अनुसार, क्षेत्र के 8 प्रतिशत हवाई यात्री नोएडा एयरपोर्ट शुरू होते ही वहां से यात्रा करना पसंद करेंगे। वहीं 15 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि वे एयरपोर्ट की सुविधाओं और कनेक्टिविटी का आकलन करने के बाद वहां से उड़ान भरने पर निर्णय लेंगे।
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noida airport inauguration - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सोमवार से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत के साथ दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद है। दिल्ली-एनसीआर ट्रैवलर्स की ओर से कराए गए एक हालिया सर्वे के अनुसार, क्षेत्र के 8 प्रतिशत हवाई यात्री नोएडा एयरपोर्ट शुरू होते ही वहां से यात्रा करना पसंद करेंगे। वहीं 15 प्रतिशत यात्रियों ने कहा कि वे एयरपोर्ट की सुविधाओं और कनेक्टिविटी का आकलन करने के बाद वहां से उड़ान भरने पर निर्णय लेंगे।

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सर्वे के मुताबिक, आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ और दिल्ली के ट्रैफिक से बचने के लिए कई यात्री नोएडा एयरपोर्ट को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। जिन 8 प्रतिशत यात्रियों ने तुरंत शिफ्ट होने की बात कही है, उनका मानना है कि नए एयरपोर्ट से यात्रा अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाली हो सकती है। वहीं, 15 प्रतिशत यात्री अभी इंतजार करो और देखो की स्थिति में हैं। इन यात्रियों का कहना है कि वे सड़क और मेट्रो से जुड़ाव, उड़ान विकल्पों, पार्किंग व्यवस्था और चेक-इन प्रक्रिया का अनुभव देखने के बाद ही अंतिम निर्णय लेंगे। यदि सुविधाएं अपेक्षा के अनुरूप रहीं तो ये यात्री भी नोएडा एयरपोर्ट का रुख कर सकते हैं।

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, फेज-1 के संचालन के बाद दिल्ली-एनसीआर के कुल यात्री आधार का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा नोएडा एयरपोर्ट की ओर शिफ्ट हो सकता है। इससे देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल आईजीआई एयरपोर्ट पर दबाव कम होने की संभावना है।
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यात्रियों ने नोएडा एयरपोर्ट को चुनने के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं। इनमें आईजीआई की तुलना में कम ट्रैफिक और कम भीड़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दक्षिण दिल्ली के यात्रियों के लिए बेहतर पहुंच तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की उम्मीद शामिल हैं। एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नोएडा एयरपोर्ट की सड़क, मेट्रो और अन्य परिवहन व्यवस्था मजबूत रही तथा पर्याप्त उड़ानों के विकल्प उपलब्ध हुए, तो अगले दो से तीन वर्षों में यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा प्रमुख विमानन केंद्र बन सकता है।
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