दिल्ली से गुड़गांव के मास्टर प्लान को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे के निर्माण की राह का रोड़ा जल्द ही खत्म होगा। जिन साइटों पर हाईकोर्ट में विवाद चल रहा है उसे हुडा ने निपटाने का दावा किया है।
दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेस वे का निर्माण 80 प्रतिशत हो चुका है। बजघेड़ा से लेकर न्यू पालम विहार व दौलताबाद के कुछ किसानों ने पुराने निर्माण को देखते हुए हुडा की ओर से हुए अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुडा की ओर से काम बंद किया गया था।
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हुडा प्रशासक पीसी मीणा के अनुसार इस रुट पर आने वाली जमीन के विवाद का मामला लगभग निपटा लिया गया है। मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद किसानों की अधिग्रहण होने वाली जमीन के बदले में हाईकोर्ट जाने वाले किसानों को जल्द ही उनकी क्षमता के अनुसार मिलने वाले प्लाट का आवंटन पत्र दिया जाएगा।
15 दिन के भीतर उनको जारी होने वाले आवंटन पत्र की जानकारी अदालत में दी जाएगी। जिसके बाद सड़क निर्माण में लगा रोड़ा समाप्त हो जाएगा। किसानों को जारी होने वाले आवंटन पत्र में सेक्टर व प्लाट की संख्या का स्थान खाली होगा। हुडा के मास्टर प्लान के सेक्टर के ड्रा के बाद उसे भी भरा जाएगा।
मास्टर प्लान में 3819 किसानों ने किया है आवेदन
हुडा के मास्टर प्लान में सरकारी की ओर से जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। उनके 3819 आवेदन विभाग को मिले है। हुडा की ओर से उनकी स्कूटनी का काम चल रहा है। इसके बाद, अधिग्रहित होने वाली जमीन के आधार पर मिलने वाले प्लाट की साइज का निर्धारण किया जाएगा।