पूर्वी और मध्य दिल्ली में 11 फरवरी से अंधेरा छाएगा या नहीं इस पर संशय बरकरार है। इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) में सुनवाई हुई।
जिसमें दिल्ली सरकार और बीएसईएस की बिजली कंपनी राजधानी और यमुना पावर लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए। डीईआरसी ने मामले की सुनवाई आठ फरवरी के लिए टाल दी है।
आयोग के चेयरमैन पीडी सुधाकर ने बताया कि दोनों बिजली कंपनियों की ओर से मामले की सुनवाई दो दिन तक टालने के लिए कहा गया, क्योंकि इससे संबंधित मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट और अपीलेंट ट्रिब्यूनल में लंबित है।
उधर, आयोग ने दिल्ली सरकार के रवैये पर भी नाराजगी व्यक्त की। आयोग ने दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि से पूछा कि कई बार समस्या के समाधान के लिए कुछ जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई।
करीब दो माह पहले के आदेश का जिक्र करते हुए आयोग ने कहा कि दोनों बिजली कंपनी और सरकार के बीच चल रहे आर्थिक विवाद को सुलझाने के लिए एक समिति बनाने के निर्देश दिये गए थे लेकिन उस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई समिति गठित नहीं की गई। आयोग ने दिल्ली सरकार को मामले की अगली सुनवाई तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।