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NCR के ट्रैक पर सुस्त हुई मोदी 'एक्सप्रेस'

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रेल बजट एनसीआर के लोगों की उम्मीद पर एक बार फिर खरा नहीं उतरा। बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो हुईं, लेकिन दिल्ली-एनसीआर सब अर्बन सिटी को जोड़ने वाली नई ट्रेन के बेड़े में नहीं जुड़ने से खाली हाथ ही रहा एनसीआर।
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मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन (पलवल-दिल्ली-अलीगढ़) की घोषणा कर महज खानापूर्ति की गई है। जबकि मुंबई सब अर्बन के लिए दो वर्ष में 864 अतिरिक्त आधुनिक ईएमयू गाड़ियां दी जाएंगी।

इसके साथ ही परिचालन की क्षमता में सुधार करने के लिए भी ठोस कदम उठाने की बात की गई है।

इस बार भी दिल्ली एनसीआर खाली हाथ

दिल्ली सब अर्बन सिटी के यात्री लोकल ट्रेन सेवा की बाट जोह रहे हैं। नई सरकार से काफी उम्मीदें थीं उनकी, लेकिन इस बार भी एनसीआर के यात्रियों की झोली में कुछ नहीं मिला।

2012, 2013 की तरह ही 2014 रेल बजट में भी दिल्ली-एनसीआर खाली हाथ ही रहा। रेल मंत्री ने उपनगरीय यातायात को को बढ़ावा देने की बात तो की है, लेकिन गाजियाबाद, साहिबाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव, सोनीपत समेत कई स्टेशन को जोड़ने वाली ट्रेनें नदारद दिखाई पड़ रही है।

उधर, जनसंख्या के बढ़ते दबाव को देखते हुए दिल्ली में उपनगर की परिकल्पना की गई है। लेकिन आज भी इस उपनगरी द्वारका, नरेला, नजफगढ़, रोहिणी में रहने वालों को ट्रेन जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण परेशान होना पड़ता है।

लोकल नहीं बनेगी एनसीआर की लाइफ लाइन

दिल्ली आसपास विकसित हो रहे एनसीआर के शहर को लोकल ट्रेन से जोड़ने की योजना अधूरी दिखाई पड़ रही है। जबकि ट्रैफिक जाम और तेजी से बढ़ रहे निजी वाहनों पर नियंत्रण के लिए सार्वजनिक परिवहन पर जोर देने की बात की जाती है।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड भी इसकी कवायद में जुटा रहता है। एनडीए की सरकार से निजी वाहन से दिल्ली-गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद, साहिबाबाद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, रेवाड़ी, मेरठ, मथुरा समेत एनसीआर के अन्य शहरों के लिए आवागमन करने वाले काफी आशांवित थे।

उम्मीद थी कि कोलकाता और मुंबई की तरह दिल्ली की लोकल भी लाइफ लाइन बनेगी।
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मेट्रो ही सहारा, खर्च ज्यादा

एनसीआर के यात्रियों को एक बार फिर दिल्ली मेट्रो के भरोसे ही रहना होगा। जबकि अगर मुंबई की तरह दिल्ली लोकल को बढ़ावा मिलता तो काफी कम यात्रा भाड़े पर एक शहर से दूसरे शहर दिल्ली-आसपास के लोग पहुंच सकते थे।

बता दें कि ट्रेन का किराया मेट्रो से काफी कम है। 101 किलोमीटर का ट्रेन सफर आप महज 50 रुपये में कर सकते हैं।
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