अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-1 के निर्माण में कोई बड़ी बाधा नहीं है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बिजली सबस्टेशन और फीडर शिफ्टिंग की समयसीमा तय करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में बताया गया कि मेट्रो कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली बाधाओं का विश्लेषण किया गया। कुल नौ बिजली फीडर प्रभावित हो रहे थे, जिनमें से छह को पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है। शेष फीडरों को स्थानांतरित करने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक नया 66 केवी सबस्टेशन बना रहा है। इसका निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। नया सबस्टेशन चालू होने के बाद मौजूदा सबस्टेशन हटेगा। सीवरेज, पेयजल आपूर्ति और स्टॉर्म वाटर ड्रेन जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित भी कोई बड़ी बाधा नहीं है।
परियोजना के लाभ
यह मेट्रो कॉरिडोर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेगा, जिससे सड़क यातायात पर दबाव कम होगा। रेवाड़ी और झज्जर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही गुरुग्राम में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक 15.2 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बन रहा है। इसमें द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-101 तक एक स्पर लाइन भी शामिल है। मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।