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स्कूल में एसी के आधार पर ट्यूशन फीस में वृद्धि का कोई आधार नहीं : HC

Tue, 21 Mar 2017 09:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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file photo - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूलों में एयर कंडीशन लगाने से बिजली शुल्क देने के लिए ट्यूशन शुल्क में वृद्धि करने का कोई आधार नहीं हो सकता है। अदालत ने कहा स्कूल में एसी की सुविधाएं उपलब्ध कराने को पाठयक्रम या सह-पाठयक्रम गतिविधि से नहीं जोड़ा जा सकता।
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न्यायमूर्ति वीके राव ने यह आदेश दो स्कूलों द्वारा एसी लगाने व बिजली के बिल में बढ़तोरी पर टयूशन फीस में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी संबंधी निर्णय को खारिज करते हुए दिया है। उन्होंने कहा कि एसी सिस्टम लगाने के लिए पूंजीगत व्यय को ट्यूशन से नहीं जोड़ा जा सकता।

अदालत ने यह भी कहा कि भले ही बिजली का बिल राजस्व व्यय हो, तो भी ट्यूशन फीस बढ़ाकर पूरा नहीं किया जा सकता है। सेंट मार्क्स उच्चतर माध्यमिक स्कूल एवं अन्य की याचिका खारिज करते हुए कहा एयरकंडीशन और इस तरह की अन्य खर्च स्कूल अपने बचत से कर सकते हैं।
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स्कूल प्रबंधन ने एसी लगाने के आधार पर टयूशन फीस में बढ़ोतरी कर दी थी

delhi high court - फोटो : अमर उजाला
​दरअसल, स्कूल प्रबंधन ने एसी लगाने के आधार पर टयूशन फीस में बढ़ोतरी कर दी थी। दिल्ली सरकार ने जून 2016 को स्कूलों को एयरकंडीशन व बिजली बिल के खपत के नाम पर फीस बढ़ोतरी को अवैध ठहराया था। स्कूल प्रशासन ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनज्ञैती दी थी।

स्कूल ने एयरकंडीशन और इससे होने वाले बिजली बिलों के भुगतान के लिए फीस बढ़ोतरी नहीं करने देने के सरकार के फैसले को मनमाना बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी।

स्कूलों ने कहा था कि एयरकंडीशन शैक्षणिक मकसदों को पूरा करने के लिए लगाया गया है। अदालत ने कहा एसी लगाने का खर्च छात्रों से नहीं वसूला जा सकता।

 
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