हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि स्कूलों में एयर कंडीशन लगाने से बिजली शुल्क देने के लिए ट्यूशन शुल्क में वृद्धि करने का कोई आधार नहीं हो सकता है। अदालत ने कहा स्कूल में एसी की सुविधाएं उपलब्ध कराने को पाठयक्रम या सह-पाठयक्रम गतिविधि से नहीं जोड़ा जा सकता।
न्यायमूर्ति वीके राव ने यह आदेश दो स्कूलों द्वारा एसी लगाने व बिजली के बिल में बढ़तोरी पर टयूशन फीस में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी संबंधी निर्णय को खारिज करते हुए दिया है। उन्होंने कहा कि एसी सिस्टम लगाने के लिए पूंजीगत व्यय को ट्यूशन से नहीं जोड़ा जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि भले ही बिजली का बिल राजस्व व्यय हो, तो भी ट्यूशन फीस बढ़ाकर पूरा नहीं किया जा सकता है। सेंट मार्क्स उच्चतर माध्यमिक स्कूल एवं अन्य की याचिका खारिज करते हुए कहा एयरकंडीशन और इस तरह की अन्य खर्च स्कूल अपने बचत से कर सकते हैं।