वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने के दौरान करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पति व पुत्री को खोने वाली महिला ने पांच करोड़ मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने केंद्र सरकार, नागर विमानन महानिदेशक व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल तय करते हुए हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनी हिमालयन हेली सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और हेलीकॉप्टर का बीमा करने वाली कंपनी को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
अदालत ने नागर विमानन महानिदेशक को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसी दुर्घटनाओं के मामले में 20 लाख अधिकतम मुआवजा देने का नियम क्यों है।