इस बार छठ पूजा पर भी गंगाजल नहीं मिलेगा। खारे पानी से ही गुजारा करना पड़ेगा। गंग नहर की सफाई पूरी न हो पाने के कारण यह दिक्कत हुई है।
गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट के अधिशाषी अभियंता आरके अग्रवाल ने बताया कि गंगाजल 10 नवंबर को छोड़े जाने की सूचना सिंचाई विभाग से मिली थी, मगर पानी हरिद्वार से नहीं छोड़ा गया।
अब पता चला है कि गंग नहर की सफाई अधूरी रह गई है। अभी एक सप्ताह और लगेगा। उसके बाद ही नहर में गंगाजल छोड़ा जाएगा। हरिद्वार से प्लांट तक गंगाजल पहुंचने में दो दिन लगेंगे।
उसके अगले दिन पानी को शोधित कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी। उन्होंने 22 नवंबर तक गंगाजल आपूर्ति होने की उम्मीद जताई। इस वजह से नोएडा और गाजियाबाद के निवासियों को एक सप्ताह और परेशानी झेलनी पड़ेगी।
नोएडा को करीब 60 क्यूसेक गंगाजल मिलता है, जिसे भूजल में मिश्रित कर आपूर्ति की जाती है। इससे पानी का खारापन खत्म हो जाता है, मगर गंगाजल बंद होने से भूजल का ही सहारा बचता है।
सेक्टर-33 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अशोक शर्मा कहते हैं कि गंगाजल मिल जाने से खारापन दूर हो जाता है। खारे पानी के उपयोग का मन नहीं करता।
सेक्टर-22 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष मदन शर्मा कहते हैं कि जब से गंगाजल बंद हुआ है तब से साफ पानी नसीब नहीं हुआ। भूजल इतना बेकार है कि उसे नहाने या खाना पकाने में इस्तेमाल नहीं कर सकते।