गुर्जर समाज द्वारा शादियों में डीजे व आतिशबाजी पर रोक लगाने के फैसले का असर अब दिखने लगा है। गत दिवस अनखीर गांव के अजीपाल ने अपनी बेटी भारती व अनखीर गांव के ही धीर सिंह ने अपनी बेटी मंजू तंवर की शादी बिना डीजे और आतिशबाजी के सादगी से संपन्न कराई।
वैसे तो गांव की दोनों बेटियों की बारात में वर पक्ष की ओर से डीजे वाले साथ में आए थे। आतिशबाजी का भी खासा इंतजाम था लेकिन गांव के बुजुर्ग लोगों और वर पक्ष के लोगों ने मिलकर बगैर डीजे और आतिशबाजी के शादी संपन्न कराने का निर्णय लिया।
इस काम में हंसा मेबर, चन्दी, गोपी, रघुबीर, बीर सिंह, कमल, रामबीर पंडित, चरण सिंह, करण सिंह, फूल सिंह, सतपाल बिधूड़ी, मेहरचन्द और आशा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह जानकारी समाजसेवी अनिल तंवर ने दी। उन्होंने बताया कि इस विवाह की एक खास बात यह भी रही कि दुल्हन की विदाई के समय उपहार में दिए जाने वाली वस्तुओं की सूची को नहीं पढ़ा गया और न ही कन्यादान की राशि को बताया गया।
अनिल तंवर ने कहा कि पिछले दिनों गुडग़ांव के गांव तिघरा में अंतराम तंवर के निवास पर महापंचायत का आयोजन किया गया था जिसमें पांच राज्यों से आए सभी गुर्जर समाज के लोगों ने यह फैसला लिया था कि शादियों में डीजे व आतिशबाजी पर रोक लगे।
जिससे फिजूल खर्च वायु प्रदूषण ध्वनि प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही दहेज प्रथा व समाज की बुराईयों को जड़ से खत्म करने में सफलता मिलेगी। इसी निजर्णय के क्रम में गांव की दोनों बेटियों की शादी कराई गई।