गुड़गांव में गाड़ौली खुर्द के लोग इस बार चुनाव का बहिष्कार करेंगे। रविवार को गांव में हुई अहम पंचायत में ग्रामीणों ने यह फैसला लिया। लोगों ने साफ कहा कि विकास ही नहीं हुआ तो वोट किस बात का।
हालांकि, ग्रामीणों के इस फैसले के बाद अब कई प्रत्याशी उन्हें मनाने में जुटे हुए हैं। गाड़ौली खुर्द जाट बाहुल्य गांव है।
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यहां के लोगों का कहना है कि पिछले पांच सालों में यहां थोड़ा भी विकास नहीं हुआ। एसईजेड (सेज) के अटके काम के चलते गांव की समस्या में इजाफा हुआ है।
उधर, जाट वोट बैंक को देखते हुए उम्मीदवार गांव को प्राथमिकता से ले रहे हैं। ग्रामीणों के फैसले के बाद उनके माथे पर भी शिकन आ गई है।
गांव में तकरीबन 550 वोट हैं। ग्रामीणों के फैसले के बाद उन्हें एक और मौका देने का लालच दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक लोगों का रवैया पहले की तरह बना हुआ है।