निजामुद्दीन मरकज में फंसे लोग (फाइल फोटो)
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निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज से गायब कंप्यूटरों का अब तक सुराग नहीं लगा है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा इस संबंध में मरकज के अन्य मौलानाओं व स्टाफ से पूछताछ कर रही है। दूसरी तरफ, अपराध शाखा मौलाना मोहम्मद साद के खिलाफ अब तक सबूत जुटाने में ही लगी है।
सबूत मिलने के बाद ही साद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साद का क्वारंटीन समय भी खत्म हो चुका है। साद के अलावा भी एफआईआर में नामजद छह मौलानाओं में से किसी को भी मंगलवार शाम तक गिरफ्तार नहीं किया गया था।
अपराध शाखा को जांच में मरकज से पांच प्रिंटर मिले थे। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि मरकज में प्रिंटर हैं तो कंप्यूटर जरूर होंगे। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इन गायब कंप्यूटरों व अन्य सामान के बारे में अब तक कुछ पता नहीं लगा है।
मरकज के अन्य मौलानाओं व स्टाफ का कहना है कि कंप्यूटर आदि के बारे में मौलाना साद को पता है। उधर, साद ने नोटिस के जवाब में कहा है कि स्टाफ क्वारंटीन है और मरकज बंद है। ऐसे में वह कुछ जानकारी नहीं दे सकते।
दूसरी तरफ, अपराध शाखा ने निजामुद्दीन थाने के एसएचओ मुकेश वालिया व एसीपी लाजपत नगर अतुल कुमार समेत पुलिस कर्मियों से पूछताछ की है। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने अपराध शाखा को सारे कागजात व सीसीटीवी रिकार्डिंग दे दी है। थाना पुलिस के अनुसार मरकज पदाधिकारियों को जो भी नोटिस दिया गया है या वार्ता हुई, उन सबकी डीडी इंट्री की गई है।