हाईकोर्ट के निर्देश और उपराज्यपाल की निगरानी के बावजूद राजधानी के नालों की सफाई को लेकर नगर निगमों का रवैया बेहद ढीला है। दो महीने से भी कम वक्त रह गए हैं मानसून आने में, अब तक केवल 20 फीसदी नालों की सफाई हो पाई है।
इतना कार्य करने में भी निगम को नौ महीने लग गए हैं। इन नौ महीनों में जिन नालों की सफाई हुई भी, उनके 55 फीसदी गाद ही निकाले जा सके हैं।
आंकड़े स्पष्ट कर रहे हैं कि तय अवधि तो दूर मानसून की दस्तक होने तक भी नालों की सफाई का काम पूरा होना असंभव है।