डीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि फरवरी में डीडीए ने एफएआर और कन्वर्जन चॉर्ज को लेकर जो फैसले लिए थे, वे यथावत रखे गए हैं। पार्किंग को लेकर न्यूनतम 1 हजार वर्गमीटर आकार के प्लाट के साथ रखने की अनुमति दी जा सकेगी। यदि आस-पास कोई पार्किंग सुविधा उपलब्ध न हो तो ऐसे क्षेत्रों को पैदल शापिंग स्ट्रीट के रूप में घोषित किया जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को दी जाएगी।
इन मानदंडों का किया जाएगा पालन
डीडीए के अनुसार, मूल वास्तविकता के चलते पुनर्विकास प्रक्रिया को लेकर कुछ मानदंडों पर फैसला लिया है। इसमें 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर कृषि गोदामों को नियमित किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में अब सड़कों और सर्विस लेन के लिए 10 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित होगा। कॉमन पार्किंग, खाली पार्किंग और लोडिंग क्षेत्रों के लिए भी 10 प्रतिशत क्षेत्र आरक्षित होगा। इलैक्ट्रिक सब स्टेशन, फायर स्टेशन, पुलिस पोस्ट, सर्विसिंग, लोडिंग एवं बोर्डिंग के लिए भी क्षेत्र आरक्षित होगा।
दिल्ली जलबोर्ड को बनानी होगी योजना
डीडीए ने मास्टर प्लान 2021 के संशोधन में दिल्ली में पानी की किल्लत को भी शामिल किया है। दिल्ली जल बोर्ड को राजधानी में जलापूर्ति के लिए एक सटीक योजना तैयार करने का आदेश दिया जाएगा। साथ ही ड्रेनेज और सीवर को लेकर भी नीति तय करनी होगी। जमीन के अंदर ही भू जल स्टोरेज टैंक, हार्वेस्टिंग सिस्टम इत्यादि सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।