सुनवाई में नीलम के वकील प्रदीप डे ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल नीलम कटारा आर्थिक व कुछ अन्य कारणों की वजह से इस महीने के अंत तक देहरादून में रहने के लिए जाएंगी। इसलिए उन्हें दिल्ली से देहरादून आवाजाही के दौरान भी सुरक्षा मुहैया करायी जाए, क्योंकि उन्हें उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से होकर आना होगा। इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस दौरान उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया जाए। इस संबंध में भी पीठ ने हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा।
नीलम के वकील ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है और पीठ के पास केंद्र प्राधिकार को दिल्ली और देहरादून दोनों जगहों पर उनकी सुरक्षा मुहैय कराने के लिए निर्देश देने का अधिकार है। वहीं केंद्र सरकार के स्थायी वकील गौरांग कंठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस नीलम को सुरक्षा मुहैया करा रही है और गृह मंत्रालय ने पुलिस को स्थानीय खतरे का आकलन करते हुए दी जा रही सुरक्षा को जारी रखने के लिए कहा है।
उल्लेखनीय है कि 16-17 फरवरी 2002 में उत्तर प्रदेश के राजनेता डीपी यादव की बेटी भारती यादव से कथित प्रेमप्रसंग के शक में डीपी यादव के बेट विकास यादव और विशाल यादव ने सुखदेव की मदद से एक पार्टी से नीतीश कटारा का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी।