जिस उम्र में बच्चे क्रिकेट, शतरंज और वीडियो गेम खेलने का शौक पालते हैं, उस उम्र में हिन्दुस्तान के दो बच्चों ने सामाजिक कार्य के लिए दुनिया में नाम हासिल किया है।
इनमें एक साइबर सिटी के निर्वाण कंट्री में रहने वाले 14 साल का नीतीश साहनी और दूसरा 17 साल का दिल्ली का ऋषभ है। अमेरिका ने इन बच्चों के काम को सम्मानित किया है।
5 मई को अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी के नेशनल म्यूजियम ऑफ नेशनल हिस्ट्री में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘यूएस प्रुडेंशियल स्पिरिट ऑफ कम्यूनिटी अवार्ड’ से नवाजा गया।
अमेरिका ने गोल्ड मेडल से किया सम्मानित
नीतीश और ऋषभ को अमेरिका में प्रुडेंशियल के सीईओ जॉन स्ट्रेंगफेल्ड ने नीतीश को 50 हजार रुपये और गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
द श्रीराम स्कूल अरावली के आठवीं कक्षा का छात्र नीतीश इस छोटी सी उम्र में कैंसर पीड़ितों के अलावा कई आपदाओं के मौके पर चंदा इकट्ठा कर अपना योगदान दे चुका है।
इसके लिए नीतीश ने ‘प्योर हार्ट’ ग्रुप भी बनाया है। अब नीतीश दूसरे बच्चों के लिए आदर्श बन गया है। नीतीश कहते हैं, इस सम्मान के बाद अब सामाजिक कार्यों में उनकी रुचि और बढ़ गई है।
ऐसे बना ‘प्योर हार्ट’
कैसे हुआ चयन
प्रामेरिका स्पिरिट ऑफ कम्युनिटी अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के टीनएजर्स को सामाजिक कार्य में योगदान के लिए सम्मानित करती है। इसमें अमेरिका से बाहर के 10 देशों से दो-दो बच्चों का चयन गोल्ड मेडल पुरस्कार के लिए होता है।
ये है उपलब्धि
‘प्योर हार्ट’ ग्रुप बनाकर नीतीश ने सबसे पहले कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड इकट्ठा किया। कैंसर सोसाइटी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर लाइव कंसर्ट के जरिए 1 लाख 20 हजार रुपये जमा किए थे।
कैसे बना ‘प्योर हार्ट’
नीतीश बताते है, पिछले साल कश्मीर में आई बाढ़ में उनके रिश्तेदार भी फंस गए थे। इस हादसे के बाद उन्होंने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर ‘प्योर हार्ट’ नाम का ग्रुप बनाया।