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डासना से हापुड़ तक एनएच-9 पर 6 लेन का मिलेगा तोहफा, कल गडकरी करेंगे उद्घाटन

Sun, 29 Sep 2019 04:39 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हापुड़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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अमर उजाला और आम जन मानस के 100 दिन तक चले अभियान के बाद बना जिला हापुड़ 29 सितंबर को अपने नवें साल में प्रवेश कर रहा है। इस मौके पर जिले को डासना से हापुड़ तक 6 लेन के एनएच-9 का तोहफा मिला है। 22.27 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे पर करीब 1058 करोड़ की लागत आई है। 

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इस एक्सप्रेस हाईवे का 30 सितंबर को केन्द्रीय मंत्री, सड़क परिवहन और राजमार्ग नितिन गडकरी पिलखुवा में उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर इसी विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहेंगे। हाईवे का विधिवत उद्घाटन होने के बाद नागरिकों को पिलखुवा में लगने वाले भीषण जाम से मुक्त मिल जाएगी। 

भाजपा के हापुड़ जिलाध्यक्ष विकास अग्रवाल ने बताया कि तीन सितंबर को पिलखुवा के राजपूताना इंटर कालेज में डासना से हापुड़ तक बने 6 लेन एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उद्घाटन सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। वहीं इस दौरान राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे। 
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उल्लेखनीय है कि हापुड़ प्राचीन काल से ऐतिहासिक शहर है। यहां अंग्रेजों के शासन से भी पहले से अनाज की मंडी का इतिहास मिलता है। इतना ही नहीं यहां का वायदा कारोबार भी देशभर में प्रसिद्ध है। लेकिन राजनैतिक कारणों से वर्ष 1976 में हापुड़ को जिला नहीं बनाया गया बल्कि गाजियाबाद को जिला घोषित किया गया। ऐसे में वर्ष 1990 के दशक में भाजपा नेता मनोज वाल्मीकि ने हापुड़ को जिला बनाये जाने की मांग को जोरशोर से उठाया तो उन्हें जेल में डाल दिया गया। इसके बाद डा एस के कौशिक के नेतृत्व में हापुड़ जिला बनाओ समिति ने इस मांग को उठाया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

आखिर वर्ष 2011 में अमर उजाला ने जनमानस के सहयोग और जिला बनाओ समिति को साथ लेकर करीब 100 दिन तक हापुड़ को जिला बनाये जाने की मांग को अभियान चलाया। परिणामस्वरूप प्रतिदिन धरना प्रदर्शन होते रहे। तमाम संगठन अमर उजाला के इस अभियान से जुड़ गए। 

कांग्रेस के पूर्व विधायक, अब स्वर्गीय सुखबीर सिंह गहलौत, पूर्व विधायक गजराज सिंह, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, बार एसोसिएशन, व्यापारी मंडलों, छात्र संगठनों तथा राजनैतिक दलों का पूर्ण समर्थन मिलने लगा। तब कहीं जाकर जिला प्रशासन, मंडलायुक्त तथा गुप्तचर इकाई ने सरकार को जिला बनाये जाने की मांग को उचित बताते रिपोर्ट भेजी। 

परिणामस्वरूप प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 28 सितंबर 2011 को हापुड़ आकर एक जनसभा को संबोधित कर हापुड़ को जिला बनाए जाने की घोषणा कर दी। तब जिले का नाम पंचशीलनगर रखा गया जिसका जनता ने विरोध किया। इस पर सपा सरकार आते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले का नाम पंचशीलनगर से बदलकर हापुड़ कर दिया जो लगातार तरक्की कर रहा है। 

हापुड़ जिले के पास अपना कलेक्ट्रेट और विकास भवन है। पुलिस अधीक्षक का कार्यालय है। आधा दर्जन नये बिजलीघर बने हैं। शहर के अंदर तीन फ्लाईओवर बन चुके हैं। हालांकि अभी तक पुलिस लाइन और जेल के लिए भूमि का चयन नहीं हो सका है। अधिकांश सरकारी कार्यालय खुल चुके हैं जो कार्यालय नहीं खुले हैं, उनके प्रयास जारी हैं। हापुड़ बाईपास एनएच-235 का निर्माण भी लगभग पूरा होने वाला है।

हालांकि जिलाधिकारी अदिति सिंह लगातार इस प्रयास में है कि हापुड़ जिले में जिला स्तर तक के तमाम कार्यालय अति शीघ्र स्थापित हो जाएं। वहीं इन विभागों के अधिकारी भी तैनात हों। उल्लेखनीय है कि जिला भूमि अध्यापित अधिकारी का कार्यालय गाजियाबाद में होने के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है।

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