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निठारी कांड के 10वें केस में भी सुरेंद्र कोली को मिली फांसी की सजा, हत्या समेत कई धाराओं में दोषी

Sat, 02 Mar 2019 04:40 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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निठारी कांड के 10वें केस में शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली को हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत नष्ट करने की धाराओं में दोषी करार देने के बाद शनिवार को फांसी की सजा सुना दी है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अमित वीर की अदालत में शनिवार को सजा पर बहस हुई, जिसके बाद 10वें मामले में भी सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई।
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सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि अदालत ने निठारी कांड के 10वें मामले में (14 वर्षीय किशोरी की हत्या) में अभियुक्त सुरेंद्र कोली के मामले में फैसला सुनाया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना है।

वहीं, अदालत का फैसला आने के बाद कोली को पुलिस कस्टडी में डासना जेल भेज दिया गया, जहां वह पहले से रहता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कोली को नौ केसों में फांसी की सजा मिल चुकी है, जिसमें से एक केस में हाईकोर्ट ने उसे राहत देते हुए आजीवन कारावास में बदल दिया। हाईकोर्ट ने यह आदेश कोली द्वारा दी गई अर्जी के बाद दिया था।
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किन-किन मामलों में हुई फांसी की सजा 

निठारी कांड
- 13 सितंबर 2009 को एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली-पंधेर को फांसी
- 12 मई 2010 को एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 28 सितंबर 2010 को एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 22 दिसंबर 2010 को एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 24 दिसंबर 2012 को एक बच्ची की हत्या के मामले में कोली को फांसी
- 07 अक्टूबर 2016 को एक महिला की हत्या के मामले कोली को फांसी
- 16 दिसंबर 2016 को एक युवती के मामले में कोली को फांसी
- 24 जुलाई 2017 को एक युवती की हत्या मामले में कोली-पंधेर को फांसी
- 08 दिसंबर 2017 को  एक युवती की हत्या मामले में कोली-पंधेर को फांसी
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निठारी कांड की टाइमलाइन

- 29 दिसंबर, 2006 को पुलिस ने निठारी कांड का खुलासा करते हुए नोएडा के सेक्टर-31 की कोठी नंबर डी-5 से सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को गिरफ्तार किया था। तब पुलिस ने डी-5 कोठी के पास नाले से दर्जनों बच्चों के कंकाल बरामद किए थे।
-10 जनवरी 2007 को सभी मामले सीबीआई को सुपुर्द कर दिए गए थे। सीबीआई ने कुल 19 एफआईआर में से 16 में आरोप पत्र अदालत में पेश किए। 16 मामलों में से अब तक सुरेंद्र कोली को सात मामलों में फांसी की सजा हो चुकी है।
-13 फरवरी, 2009: पहले मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई। 11 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंधेर को बरी कर दिया। जबकि सुरेंद्र कोली की सजा बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 जनवरी को सुरेंद्र कोली की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील को खारिज कर दिया।
-12 मई, 2010 : दूसरे मामले में फांसी की सजा सुनाई।
-28 सितंबर, 2010 : तीसरे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
-22 दिसंबर, 2010 : चौथे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
-24 दिसंबर, 2012 : पांचवें मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
-7 अक्तूबर, 2016 : छठे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
-16 दिसंबर, 2016 : सातवें मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
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