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निठारी हत्याकांडः मुख्य आरोपी मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंदर कोली को फांसी की सजा

Mon, 24 Jul 2017 03:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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रोंगटे खड़े कर देने वाले निठारी कांड के आठवें मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को उद्योगपति मनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरिंदर कोली को फांसी की सजा सुनाई है। 20 वर्षीय पिंकी सरकार के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के इस मामले में सजा का एलान किया।
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इसके साथ ही अदालत ने कोली और पंधेर पर क्रमशः 35 और 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। कोली और पंधेर दोनों को अदालत ने धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प‌िंकी के पर‌िजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।

सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि विशेष अदालत ने सुरेंद्र कोली को हत्या, अपहरण, रेप की कोशिश और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया।

वहीं, उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को हत्या, रेप की कोशिश, सबूत मिटाने में कोली का सहयोग करने का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई। सीबीआई कोर्ट द्वारा फांसी की सजा का ऐलान करते ही ही पंधेर की आंखों से आंसू छलक उठे। वहीं, कोली का चेहरे पर भी निराशा झलकने लगी।
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जेपी शर्मा ने बताया कि इससे पहले भी कोली को सात मामलों में फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं, मोनिंदर सिंह पंधेर को निठारी के एक मामले में 2009 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। पंधेर की अपील अर्जी पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उसकी फांसी की सजा को खारिज कर दिया था।

कोर्ट ने जब कोली से पूछा उसका पक्ष
व‌िशेष सीबीआई अदालत में जब सजा पर बहस पूरी हो गई तो जज ने कोली से पूछा ‌क‌ि वह क्या कहना चाहता है। तब कोली ने कहा क‌ि अब मैं क्या कहूं जब मेरी बात सुनी ही नहीं जाएगी। कोली ने कहा ‌क‌ि कोर्ट सीबीआई के इशारे पर काम कर रही है और जो सीबीआई कहेगी वही कोर्ट करेगी।

क्या था मामला

nithari case - फोटो : अमर उजाला
विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि 2006 में नोएडा के निठारी गांव की रहने वाली एक युवती के अवशेष सेक्टर-31 की डी-5 स्थित मोनिंदर कोली की कोठी में मिले थे। युवती मेड का काम करती थी।

नोएडा सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने कोली की निशानदेही पर मोनिंदर पंधेर की कोठी से युवती की सलवार, कपड़े, चप्पल और अन्य सामान बरामद किए थे। इन सामान के अलावा कोठी के पीछे नाले की खुदाई से मिली एक खोपड़ी का डीएनए कराने के बाद उसकी पहचान हुई थी।

इन धाराओं के तहत मिली कोली और पंधेर को सजा सजा
धारा               अपराध       सजा              जुर्माना
302               हत्या     अंतिम सांस तक      10,000
                                 फांसी पर लटकाएं 

364            अपहरण    आजीवन कारावास   10,000

376/511     रेप और     10 साल की सजा     10,000
                रेप का प्रयास

201        साक्ष्य छिपाना    7 साल की सजा    10,000
  (नोट- मोन‌िंदर स‌िंह पंधेर पर अपहरण की धारा नहीं लगी है।)
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निठारी कांड की टाइमलाइनः

- फोटो : अमर उजाला
29 दिसंबर, 2006 : को पुलिस ने निठारी कांड का खुलासा करते हुए नोएडा के सेक्टर-31 की कोठी नंबर डी-5 से सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को गिरफ्तार किया था। तब पुलिस ने डी-5 कोठी के पास नाले से दर्जनों बच्चों के कंकाल बरामद किए थे। 10 जनवरी 2007 : को सभी मामले सीबीआई को सुपुर्द कर किया गया था। सीबीआई ने कुल 19 एफआईआर में से 16 में आरोप पत्र अदालत में पेश किए। 16 मामलों में से अब तक सुरेंद्र कोली को सात मामलों में हो चुकी है फांसी की सजा। 13 फरवरी, 2009 : पहले मामले में सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई। 11 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंधेर को बरी कर दिया। जबकि सुरेंद्र कोली की सजा बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट ने भी 7 जनवरी को सुरेंद्र कोली की सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील को खारिज कर दिया। 12 मई, 2010 : दूसरे मामले में फांसी की सजा सुनाई। 28 सितंबर, 2010 : तीसरे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई। 22 दिसंबर, 2010 : चौथे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई। 24 दिसंबर, 2012 : पांचवें मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई। 7 अक्तूबर, 2016 : छठे मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई। 16 दिसंबर, 2016 : सातवें मामले में कोली को फांसी की सजा सुनाई।
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