हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार निठारी कांड से चर्चा में आया मोनिंदर सिंह पंधेर के इस बंगले का मेन गेट पिछले साल चोरी हो गया था। चोर की पहचान इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि बंगले की बाहरी दीवार पर लंबी-लंबी लताएं व झाड़ियां उग आई हैं। वहीं अगर बात अंदर के दरवाजे की हो तो वो भी कई सालों से गायब है। बच्चे इस बंगले के बाहर जरूर खेलते हैं लेकिन कोई भूत के डर की वजह से अंदर नहीं जाता। इस घर के अंदर जाने वाले हिंदुस्तान टाइम्स के पत्रकार ने लिखा है कि जब वो उस घर के अंदर गए तो उन्हें पूरा घर खाली मिला। वहां कुछ था वो था- खाली बीयर की बोतलें, 2006 का कैलेंडर, फटे कपड़े, जले फर्नीचर, पीले पड़े फोटोग्राफ और वो बदबू जो एक दशक से भी ज्यादा समय से किसी खाली घर के पड़े रहने से आने लगती है।
नोएडा सेक्टर 31 के बंगला नंबर डी-5 से हर कीमती सामान चोरी हो चुका है। पहले दीवारों पर जहां एसी लगे थे वहां आज सिर्फ छेद है। टीवी, फैन, कपड़े व सजावट के अन्य सामान समेत बाथटब भी गायब है। एक पड़ोसी ने नाम न लिए जाने की शर्त पर बताया कि, कभी बंगले के बाहर लोहे की पुलिस बैरिकेडिंग होती थी पर वो भी किसी ने चुरा ली। कोई भी इस घर में घुसना नहीं चाहता। 2017 की एक सुबह हमने पाया कि बंगले का मेन गेट चुरा लिया गया। 2014 में यहां आग भी लग गई थी। यह जगह चोरों और नशाखोरों द्वारा इस्तेमाल की जाती होगी। शायद इन्हीं लोगों ने यहां से कीमती सामान को चुरा लिया।
यह बंगला 29 दिसंबर 2006 से लॉक है। पहले दिन जब यह मामला प्रकाश में आया था को तो कम से कम 8 कंकाल बरामद किए गए थे। सीबीआई ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में लिखा था कि बंगले में 19 बच्चे रेप कर मारे गए। वो किचन जहां माना जाता था कि सुरेंद्र कोली ने बच्चों के शव को काटकर पकाया वहां आज भी कुछ बर्तन, दाल, हल्दी और काली मिर्च व अन्य सामानों के छोटे-छोटे जार हैं। कैलेंडर में दिसंबर की तारीख दिखा रही है, जिस महीने में यह मामला सामने आया था।
इस बंगले के फर्श पर अंडरगारमेंट और बच्चों के नाप के जूते पड़े हैं। माना जाता है कि ये उसी बच्चे के होंगे जिसे यहां मारा गया। यहां एक बेड भी है जिसमें से उसकी लकड़ियां गायब हो चुकी हैं। इस पर न कोई गद्दा है न कोई कपड़ा। लॉकर भी खाली हैं इसकी भी लकड़ियां नहीं हैं। टोयोटा कोरोला जो गैराज में पार्क है वह मुश्किल से ही दिखती है क्योंकि सालों से पड़े-पड़े वह धूल और झाड़ियों में छिप चुकी है। 12 साल बाद आज भी इस घर के बारे में कई अफवाहें हैं। 11 साल के एक बच्चे का कहना है कि उसके दोस्त एक-दूसरे को चैलेंज देते रहते हैं कि कौन इस घर में अकेले घुसेगा। वो कहता है, हमने ये फैसला किया है कि जो भी इस घर में अकेला घुसेगा वो सबसे बहादुर होगा। आज तक किसी ने भी ऐसा नहीं किया है। एक बार मैं मेन गेट के अंदर गया लेकिन बच्चों के हंसने की आवाज सुनकर मैं भाग गया।
(फोटो साभारः हिंदुस्तान टाइम्स)