केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेसी नेता संजय निरुपम के बीच चल रहे मानहानि मामले को अदालत ने आपसी समझौते से सुलझाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अगस्त को होगी।
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी धीरज मित्तल ने शनिवार को सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों मामले में क्रॉस केस किया गया और यह केस समझौता योग्य है। दोनों पक्षों को समझौते की संभावनाओं को तलाशना चाहिए। इस पर निरुपम के अधिवक्ता ने कहा वह समझौते के लिए तैयार थे लेकिन स्मृति इसके पक्ष में नहीं थीं।
कांग्रेस के पूर्व सांसद निरुपम ने स्मृति ईरानी पर मानहानि का आरोप लगाते हुए शिकायत दायर की थी। निरुपम का आरोप है कि 20 दिसंबर 2012 को गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एक टीवी कार्यक्रम में स्मृति ने अभद्र टिप्पणी की थी।
वहीं तत्कालीन भाजपा नेता ईरानी ने भी ऐसी ही शिकायत संजय निरुपम खिलाफ करते हुए कहा संजय ने उसी टीवी कार्यक्रम में उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। वहीं कोर्ट ने ईरानी को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी।