2012 में हुए निर्भया गैंगरेप कांड पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। ऐतिहासिक फैसले पर निर्भया के परिजन काफी खुश हैं। पीड़िता की मां ने कहा कि ये मेरी बेटी निर्भया को ही नहीं, पूरे देश को इंसाफ मिला है।
उन्होंंने कहा कि भले ही फैसला आने में देरी हुई है, लेकिन हमारी बेटी को फैसला मिला है। निर्भया की मां ने मीडिया और लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसी उम्मीद की जाती है कि देश की बाकी बच्चियों को भी ऐसे ही इंसाफ मिलेगा।
ये फैसला सिर्फ हमारा नहीं, पूरे देश का है, समाज का है और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट, समाज और मीडिया का धन्यवाद देती हूं। हम सबको इंसाफ मिला। जो हादसा मेरी बेटी के साथ हुआ उसका मन में मलाल रहेगा, जब तक जीएंगे, तब तक रहेगा। कानूनी प्रक्रिया लचर जरूर है, लेकिन उसमें देर हैं, पर अंधेर नहीं। निर्भया के पिता ने भी कहा कि वे कोर्ट के फैसले से बेहद खुश हैं।
It's a victory for my family,I am very happy with the judgement: #Nirbhaya's father to ANI
— ANI (@ANI_news) May 5, 2017
बचाव पक्ष के वकील पुर्नविचार याचिका करेंगे दाखिल
वहीं निर्भया केस में बचाव पक्ष के वकील सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट हैं। इस केस में सुप्रीम कोर्ट में दोषियों की पैरवी कर रहे वकील एपी सिंह ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का पढ़ने के बाद पुर्नविचार याचिका दाखिल करेंगे। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि कोर्ट का फैसले ने महात्मा गांधी के सिद्धातों को ठेस पहुंचाई है। यह मानवीय अधिकारों का हनन है। सिर्फ समाज में संदेश देने के लिए किसी को फांसी की सजा नहीं सुनाई जा सकती।
Justice not done, we will file review petition after reading the order: AP Singh, Lawyer of convicts #Nirbhaya
— ANI (@ANI_news) May 5, 2017
निर्भया कांड पर कोर्ट की टिप्पणी
इस केस में मुख्य सरकारी वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि बहुत मेहनत की गई है और उसके बाद आज ये फैसला आया है। जुर्म को देखा जाए तो इसलिए कोर्ट का कहना था कि इसमें मौत की सजा के अलावा कोई सजा नहीं है।
इस जुर्म ने समाज के रौंगटे खड़े कर दिए थे। हर जुर्म को सही सजा मिलनी चाहिए और इस केस में जो सही सजा थी वहीं दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस जुर्म से समाज में सदमे की सुनामी आ गई थी।