फांसी से दो घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मैंने घर आकर अपनी बेटी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़े, तस्वीर को सीने से लगाया और उससे कहा कि आज तुम्हें न्याय मिलेगा। ये शब्द निर्भया की मां ने उस वक्त कहे, जब तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया। इस जीत पर उन्होंने मीडिया को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
शुक्रवार सुबह साढ़े 5 बजे जैसे ही दोषियों को फांसी पर लटकाने का समय हुआ, उसके थोड़ी देर बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि आज मेरी बेटी को न्याय मिला है। मेरी बेटी आज हमारे बीच नहीं है और न ही कभी लौटकर आएगी। उसके इस दुनिया छोड़ने पर जो प्रण लिया था, वह आज पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि जैसे ही इन चारों दोषियों पवन, विनय, अक्षय और मुकेश को फांसी हुई है वैसे ही ऐसे मामलों के अन्य दोषियों को भी फांसी दी जानी चाहिए। इस फैसले से उन लोगों को सबक मिलेगा, जो महिलाओं की आबरू से खेलते हैं।
उन्होंने कहा कि यह मेरी बेटी की ही नहीं बल्कि देश की उन सब बेटियों की जीत है, जिन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला है। इस फैसले के बाद अन्य बेटियों के लिए न्याय का रास्ता और प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए सात साल से ज्यादा समय तक मुझे लड़ाई लड़नी पड़ी। अब मुझे खुशी है कि आखिरकार दोषियों को उनके किए की सजा मिली है।
उन्होंने कहा कि मुझे देश की अन्य बेटियों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखनी है। मुझे एहसास है कि समाज में अभी भी ऐसी बेटियां हैं, जिनके साथ गलत हुआ और उन्हें न्याय दिलाने के लिए कोई उनके साथ नहीं खड़ा है, लेकिन मैं उन बेटियों को भी न्याय दिलाने के लिए हमेशा तैयार रहूंगी।