निर्भया के दोषियों को फांसी कोठरी (डेथ सेल) में भेजने से पहले बृहस्पतिवार को तिहाड़ जेल प्रशासन ने कसूरी वार्ड में भेज दिया है। जेल सूत्रों का कहना है कि चूंकि दोषियों के पास क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति के पास दया याचिका डालने का मौका है। ऐसे में कहीं इनकी फांसी की तारीख आगे न बढ़ जाए, इसको ध्यान में रखते हुए फिलहाल मुकेश, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को कसूरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
वहीं विनय जेल नंबर-4 की हाई सिक्योरिटी सेल में ही बंद हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि फांसी कोठरी में फिलहाल कुछ काम भी चल रहा है। ऐसे में इनको एकांत कसूरी वार्ड में रखा गया है। यहां सभी दोषियों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा हर सेल के बाहर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। किसी दूसरे कैदियों को कसूरी वार्ड जाने की अनुमति नहीं है।
जेल सूत्रों का कहना है कि पहले मुकेश, पवन और अक्षय को जेल नंबर-2 की हाई सिक्योरिटी सेल में अलग-अलग कमरों में रखा गया था। विनय जेल नंबर-4 के एक अलग कमरे में बंद है। सूत्रों का कहना है कि इन कमरों में दूसरे कैदी बाहर तक आ सकते थे। जेल प्रशासन ने अब तीनों दोषी मुकेश, पवन व अक्षय को कसूरी वार्ड में रखने का फैसला किया।
यहां सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी को भी आने की अनुमति नहीं है। सूत्रों के मुताबिक जिन कैदियों का आचरण ठीक नहीं होता है, अमूमन उन कैदियों को एकांत में रखने के लिए कसूरी वार्ड में रखा जाता है। निर्भया के दोषियों को यहां रखने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बुधवार को यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई।
विनय को कसूरी वार्ड में क्यों शिफ्ट नही किया गया, इस पर जेल प्रशासन फिलहाल कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही है। सूत्रों का कहना क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद चारों दोषियों को फांसी कोठरी में शिफ्ट कर दिया जाएगा। फांसी देने की तारीख तय होने के बाद दोषियों को फांसी कोठरी में एकांत में रखा जाता है।